26/11 हमले में PAK का हाथ होने पर भारत ने कहा- पाकिस्तान के पास हमले के सबूत

मुंबई में वर्ष 2008 में 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमले में 26 विदेशी नागरिकों सहित 166 लोगों की मौत हो गई थी.
मुंबई में वर्ष 2008 में 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमले में 26 विदेशी नागरिकों सहित 166 लोगों की मौत हो गई थी.

26/11 मुंबई हमला: पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने मोस्ट वॉन्टेड की नई लिस्ट तैयार की है और इस लिस्ट में मुंबई के हमले में शामिल 11 आतंकवादियों के नाम भी शामिल किए है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 8:48 PM IST
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नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने बुधवार (11 नवंबर) को स्वीकार किया है कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई हुए 26/11 के हमले (26/11 Mumbai Attack) में पाकिस्तान के आतंकियों का हाथ था. इस पर विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने कहा कि हमने पाकिस्तान (Pakistan) में मीडिया रिपोर्टों को देखा है कि देश की संघीय जांच एजेंसी ने मोस्ट वांटेड, हाई प्रोफाइल आतंकवादियों पर एक अपडेटेड पुस्तक जारी की है, जिसमें कि 26/11 के मुंबई हमलों में शामिल कई पाकिस्तानी नागरिकों के नाम हैं.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा यह एक तथ्य है कि 26/11 के आतंकवादी हमले की योजना पाकिस्तान से क्रियान्वित की गयी. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सूची यह स्पष्ट करती है कि पाकिस्तान में साजिश रचने वालों और पाकिस्तान स्थित हमले के सूत्रधार पर सभी आवश्यक जानकारी और सबूत हैं. पाकिस्तान ने इस बात को भी माना है कि मुंबई हमले में शामिल बोट खरीदने वाले आतंकवादी मुल्तान के मो. अमजद खान अभी पाकिस्तान में ही है. इस लिस्ट में 26/11 हमलों को लेकर जानकारी दी गई है कि ताज में हुए आतंकी हमले को अंजाम देने वाली नाव में 9 क्रू मेंबर्स थे.

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नई सूची में 11 आतंकियों के नाम
लगातार बन रहे दबाव के बीच पाकिस्तान ने हमले में शामिल आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी फैसला लिया है. पाकिस्तान द्वारा जारी की गई नई सूची में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 11 आतंकियों के नाम हैं.

बता दें कि 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल सहित 6 जगहों पर हमला कर दिया था. हमले में करीब 160 लोगों ने अपनी जान गंवाई. सबसे ज्यादा लोग छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में मारे गए. जबकि ताजमहल होटल में 31 लोगों को आतंकियों ने अपना शिकार बनाया था.

पाकिस्तान लगातार करता रहा है इनकार
बता दें पाकिस्तान हमेशा ने मुंबई हमले में अपने नागरिकों की संलिप्तता से इनकार करता रहा है. 26/11 हमले के तुरंत बाद भारत सरकार ने कहा था कि हमारे पास सबूत हैं कि हमलावर पाकिस्तानी थे और उन्हें लगातार पाकिस्तान से निर्देश हासिल हो रहे थे. पाकिस्तान ने तुरंत इनकार कर दिया कि उनका इस हादसे में कोई भी हाथ है. यही नहीं पाकिस्तान ने अपने किसी नागरिकों की संलिप्तता से भी साफ मना कर दिया. उसने उळ्टे आरोप लगाया कि ये हमला बांग्लादेशी और भारतीय अपराधियों ने मिलकर किया था.

इसके बाद भारत ने बड़े पैमाने पर सबूत पाकिस्तान को सौंपे. जिनमें अजमल से पूछताछ, हथियारों के विवरण और काल रिक़ॉर्ड डिटेल थीं, जो ये बता रही थीं कि आतंकवादियों की बातचीत लगातार पाकिस्तान में बैठे आकाओं से हो रही थीं. इस पर भी पाकिस्तान ने इनकार कर दिया. उन्होंने ये मानने से ही इनकार कर दिया कि अजमल उनका नागरिक है. हालांकि बाद में पाकिस्तान को कबूल करना पड़ा था कि कसाब उसी का नागरिक है.
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