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पाक का दावा, कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देने के लिए भारत से कर रहा संपर्क

कुलभूषण जाधव को दूतावास मदद की इजाजत देने के पाकिस्तान के वादे के करीब छह हफ्ते बाद इस्लामाबाद ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर वह भारत से संपर्क में है.
कुलभूषण जाधव को दूतावास मदद की इजाजत देने के पाकिस्तान के वादे के करीब छह हफ्ते बाद इस्लामाबाद ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर वह भारत से संपर्क में है.

कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को कॉन्सुलर एक्सेस (Consular access) की इजाजत देने के पाकिस्तान (Pakistan) के वादे के करीब छह हफ्ते बाद इस्लामाबाद (Islamabad) ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर वह भारत (India) से संपर्क में है.

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कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को राजनयिक पहुंच यानी कॉन्सुलर एक्सेस (Consular access) की इजाजत देने के पाकिस्तान (Pakistan) के वादे के करीब छह हफ्ते बाद इस्लामाबाद (Islamabad) ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर वह भारत (India) से संपर्क में है. गौरतलब है कि एक अगस्त को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा था कि फांसी की सजा का सामना कर रहे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को अगले दिन कॉन्सुलर एक्सेस मुहैया कराई जाएगी. हालांकि, जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस की शर्तों पर दोनों देशों के बीच मतभेदों की वजह से दो अगस्त को दोपहर तीन बजे निर्धारित बैठक नहीं हो पाई.

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने यहां साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान और भारत जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस के मुद्दे पर संपर्क में हैं.
अप्रैल 2017 में सुनाई थी सज़ा


49 साल के जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद भारत ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court) का रुख कर सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.

आईसीजे (ICJ) ने 17 जुलाई को पाकिस्तान को जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा एवं पुनर्विचार करने का आदेश दिया था. साथ ही, बगैर और देर किए उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस पहुंचाने को भी कहा था.

पाकिस्तान की शर्त पर राजी नहीं हुआ था भारत
पाकिस्तान ने कॉन्सुलर एक्सेस के लिए जो शर्तें रखी थी, उनमें से एक शर्त कथित तौर पर यह थी कि जब जाधव भारतीय अधिकारियों से मिलेंगे उस वक्त एक पाकिस्तानी अधिकारी भी मौजूद रहेगा. भारत इस शर्त पर राजी नहीं हुआ और अपना यह रुख स्पष्ट कर दिया कि कॉन्सुलर एक्सेस अवश्य ही निर्बाध होनी चाहिए तथा आईसीजे के फैसले के आलोक में होनी चाहिए.

पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव को तीन मार्च 2016 को अशांत बलूचिस्तान (Balochistan) प्रांत से गिरफ्तार किया था. पाक का दावा है कि उन्होंने ईरान (Iran) से वहां प्रवेश करने की कोशिश की थी. हालांकि, भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा कर लिया गया, जहां नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह कारोबार करने गए थे.

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