हाफिज और मसूद के खिलाफ कार्रवाई में भी पाकिस्तान कर रहा चालाकी!

पाकिस्तान की ये कार्रवाई उस चेतावनी के बाद आई है जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल रखने का फैसला हुआ है.

News18Hindi
Updated: July 6, 2019, 9:45 PM IST
हाफिज और मसूद के खिलाफ कार्रवाई में भी पाकिस्तान कर रहा चालाकी!
पाकिस्तान की ये कार्रवाई उस चेतावनी के बाद आई है जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल रखने का फैसला हुआ है. AP/PTI(AP7_26_2018_000266B)
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Updated: July 6, 2019, 9:45 PM IST
आतंकी सरगना हाफिज सईद और मसूद अजहर पर फिर से पाकिस्तानी रवैये की पोल खलुती नजर आ रही है. अंतरराष्ट्रीय दबाव और खुद को आंतकवाद के खिलाफ खड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान ने भले ही इन दोनों पर कार्रवाई शुरू करने का दावा किया हो लेकिन ये अभी तक सिर्फ दिखावा ही साबित हुआ है.

पाकिस्तान ने भारत में हुए आतंकी हमलों में इनके शामिल होने के तथ्यों को काफी चालाकी से छिपा ले गया है. पाकिस्तान ने इन दोनों के खिलाफ की गई कार्रवाई को भारत में हुए आतंकी हमले नहीं बल्कि अन्य आतंकी मामलों को जिम्मेदार बताया है.

हिन्दी अखबार अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के पीछे उसका ओसामा बिन लादेन के साथ रहना बताया गया है. जैश-ए-मोहम्मद सरगना अजहर के बारे में चीन की मदद से पाकिस्तान यूएन में पुलवामा हमल में उसकी संलिप्तता छिपाने में कामयाब हो गया था.

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हाफिज के खिलाफ कार्रवाई में भी चालाकी

कुछ इसी तरह से हाफिज सईद के खिलाफ की गई हालिया कार्रवाई में काफी चालाकी दिखाई. हाफिज और उसकी संस्थाओं के खिलाफ आतंकी फंडिंग करने का मामला दर्ज है लेकिन उसमें कहीं भी मुंबई के 26/11 हमले का कहीं कोई जिक्र नहीं है.

रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने जानकारी दी कि पाक को मुंबई हमले में हाफिज के नेतृत्व में लश्कर का हाथ होने मजबूत सबूत दिए गए. खुद पाकिस्तान ने जांच में पाया था कि मुंबई हमले की साजिश से लेकर इसको करवाने तक के पीछे लश्कर और हाफिज का हाथ था. पाकिस्तान की जांच में यहां तक कहा गया था कि हमले के लिए कसाब समेत दस आतंकियों को पाक में ही ट्रेनिंग दी गई. उन्हें डोंगी ( नाव) और सैटेलाइट फोन सरीखे उपकरण लश्कर ने ही दिलाए थे. पाकिस्तान ने यह बात भारत और अमेरिका से साथ भी साझा की थी.
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पाकिस्तान को है इस बात का डर

पाकिस्तान की ये कार्रवाई उस चेतावनी के बाद आई है जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल रखने का फैसला हुआ है. साथ ही, कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ने सितंबर तक ठोक कदम नहीं उठाए तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है. ग्रे लिस्ट में शामिल होने से पाकिस्तान को 10 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है.

ऐसा कहा जा रहा है कि IMF का  एक्ज़िक्यूटिव बोर्ड पाकिस्तान को ऋण देने के बारे में एक रीव्यू मीटिंग करने जा रहा है. इस मामले में पाकिस्तान की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसने IMF के अधिकारियों के साथ समझौते के दौरान किए गए सभी दायित्वों को पूरा किया है. पाकिस्तान इस बात का भरोसा है कि IMF उसके 3 साल के ऋण को मंजूरी दे देगा.
First published: July 6, 2019, 9:22 PM IST
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