FATF के 'चाबुक' से बचने की पाकिस्तान ने निकाली 'तरकीब', आतंकियों के खिलाफ दर्ज करा रहा दिखावटी FIR

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Updated: August 18, 2019, 12:55 PM IST
FATF के 'चाबुक' से बचने की पाकिस्तान ने निकाली 'तरकीब', आतंकियों के खिलाफ दर्ज करा रहा दिखावटी FIR
एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान ने दुनिया के सामने आतंकी संगठनों के खिलाफ जो एफआईआर पेश किया है वह पूरी तरह से दिखावटी है.

एफएटीएफ (FATF) की बैठक में पाकिस्तान (Pakistan) ने दुनिया के सामने आतंकी संगठनों (terrorist organization)के खिलाफ जो एफआईआर पेश किया है, वह पूरी तरह दिखावे वाला कदम प्रतीत होता है.

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पाकिस्तान (Pakistan) ने अपनी सरजमीं पर फल-फूल रहे आतंकी संगठनों (terrorist organization) को लेकर एफएटीएफ को गुमराह करने में जुटा है. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान अब आतंकी संगठनों के खिलाफ बस दिखावे के लिए एफआईआर (FIR) दर्ज करा रहा है. विधि विशेषज्ञों का मानना है कि ये एफआईआर अदालत में टिकेंगे ही नहीं.

गौरतलब है कि बैंकॉक में हुए एफएटीएफ की बैठक में अमेरिका ने दुनियाभर के नेताओं के सामने पाकिस्तान से प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने को कहा था.

एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान ने दुनिया के सामने आतंकी संगठनों के खिलाफ जो एफआईआर पेश किया है, वह पूरी तरह दिखावे वाला कदम प्रतीत होता है. एफआईआर में जो तारीख पड़ी है उसके मुताबिक इसे एक जुलाई को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया है. इसमें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के संगठन दावा-वल-इरशाद पर गलत तरीके से जमीन हड़पने का मामला दर्ज किया गया है. खास बात यह है कि इस एफआईआर की भाषा ऐसी रखी गई है कि कोर्ट में आगे चलकर उन्हें बरी कर देगा.

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गुजरांवाला पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर की कॉपी.


इस एफआईआर में कहीं पर भी लश्कर चीफ हाफिज सईद का नाम नहीं दर्ज किया गया है. हाफिज के साथ ही आतंकी संठगन लश्कर-ए-तैयबा को संचालित करने वाले अब्दुल गफ्फार, हाफिज मसूद, आमिर हमजा और मालिक जाफर इकबाल के नाम का भी जिक्र इसमें नहीं किया गया है. इसी के साथ एफआईआर में इस बात का जिक्र नहीं है कि लश्कर के आतंकी इस जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए करने जा रहे थे.

एफएटीएफ की ग्रे सूची में शामिल है पाकिस्तान
इस्लामाबाद में तैनात अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) की प्रतिनिधि टेरीजा सांचेज ने कहा था कि अगर पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट यानी निगरानी सूची से बाहर नहीं निकला तो हाल में स्वीकृत लोन खतरे में पड़ जाएगा. पाकिस्तान जून, 2018 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ की ग्रे सूची में है.

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First published: August 18, 2019, 8:51 AM IST
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