कश्मीर घाटी में आतंकियों को फंड पहुंचाने के लिए दुबई का इस्तेमाल कर रहा है ISI- सूत्र

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो फिलहाल घाटी में 270 से ज्यादा आतंकवादी एक्टिव हैं. यह संख्या साल 2019 और 2020 के आंकड़ों से कम है (प्रतीकात्मक फोटो)

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो फिलहाल घाटी में 270 से ज्यादा आतंकवादी एक्टिव हैं. यह संख्या साल 2019 और 2020 के आंकड़ों से कम है (प्रतीकात्मक फोटो)

पाकिस्तान (Pakistan) से पैसा पहले दुबई जाता है. फिर वहां से हवाला के जरिये ये पैसा कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में हिजबुल (Hijbul Mojahiddin) के आतंकियों और सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए आतंकियों के परिवार वालों तक पहुंचता है.

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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) के प्रावधानों को हटाए जाने के बाद से कश्मीर घाटी में न सिर्फ आतंकवादी घटनाओं (Terrorist activity) में कमी आई है, बल्कि प्रदेश में एक्टिव दहशतगर्द भी कम हुए हैं. हालांकि, सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए आतंकियों के परिवार वालों तक आंतकी संगठन फंड पहुंचा रहे हैं. आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन (Hijbul Mojahiddin) की टॉप लीडरशिप इसके लिए ट्रांजिट के तौर पर दुबई का इस्तेमाल कर रही है. इस काम में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का उसे बखूबी साथ मिल रहा है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से पैसा पहले दुबई जाता है. फिर वहां से हवाला के जरिये ये पैसा कश्मीर घाटी में हिजबुल के आतंकियों और सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए आतंकियों के परिवार वालों तक पहुंचता है. इसके अलावा हिजबुल के एक डिस्ट्रिक्ट कमांडर को महीने का खर्च चलाने के लिए ढाई से तीन लाख रुपये दिए जा रहे हैं. ये पैसा भी पाकिस्तान से हवाला के जरिए आ रहा है.

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आधिकारिक सूत्रों की मानें तो फिलहाल घाटी में 270 से ज्यादा आतंकवादी एक्टिव हैं. यह संख्या साल 2019 और 2020 के आंकड़ों से कम है. वहीं, बीते साल 100 से ज्यादा एंटी-टेररिस्ट ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने तकरीबन 225 आतंकवादी मार गिराए हैं.

आकड़ों के मुताबिक, इस वक्त अकेले कश्मीर घाटी में 205 आतंकी एक्टिव हैं. जम्मू-कश्मीर में साल 2019 में 421 और 2020 में 300 से ज्यादा आतंकवादी सक्रिय थे. साल 2020 में कुल 225 आतंकवादी मारे गए. वहीं, साल 2019 में 160 और साल 2018 में 257 आतंकवादी मारे गए थे.

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हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने हाल ही में कहा था, 'आतंकवादियों की मदद करने वाले 635 लोगों को 2020 में गिरफ्तार किया गया और उनमें से 56 पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया.' सिंह ने कहा था कि सभी आतंकी संगठन अब नेतृत्वविहीन हो गए हैं और पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगनाओं द्वारा किसी संगठन के नेतृत्वकर्ता के तौर पर भर्ती किए जा रहे आतंकवादी या तो पकड़े गए हैं, या मारे गए हैं.

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