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पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर फिर से खोला लेकिन भारत से नहीं पहुंचा कोई तीर्थयात्री

करतारपुर कॉरिडोर पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को करतारपुर स्थित दरबार साहेब से जोड़ता है (AP)
करतारपुर कॉरिडोर पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को करतारपुर स्थित दरबार साहेब से जोड़ता है (AP)

भारत ने कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) के मद्देनजर पाकिस्तान (Pakistan) में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए यात्रा और पंजीकरण (Registration) को अस्थायी रूप से स्थगित किया हुआ है.

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लाहौर. पाकिस्तान (Pakistan) ने सोमवार को तीन महीने से अधिक समय बाद करतारपुर गलियारे (Kartarpur Corridor) को फिर से खोल दिया. इस गलियारे को कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के कारण अस्थायी रूप (Temporarily) से बंद कर दिया गया था. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि लेकिन कोई भी भारतीय तीर्थयात्री (Indian Pilgrims) गुरुद्वारा दरबार साहिब (Gurudwara Darbar Sahib) नहीं आया.

भारत ने कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) के मद्देनजर पाकिस्तान (Pakistan) में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए यात्रा और पंजीकरण (Registration) को अस्थायी रूप से स्थगित किया हुआ है. इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) के उपनिदेशक इमरान खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे को आज फिर से खोल दिया. हालांकि किसी भी भारतीय तीर्थयात्री ने यात्रा नहीं की.’’

सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए गुरुद्वारे में दर्शन की अनुमति
इमरान ने बताया कि गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर में ‘‘विशेष अरदास’’ की गई. उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियमों का पालन करते हुए दरबार साहिब जाने की अनुमति दी गई है. ईटीपीबी और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किये है.’’
इससे पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि पाकिस्तान सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर साहिब गलियारे को फिर से खोल रहा है. करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान के नारोवल जिले में स्थित है.



क्या है करतारपुर कॉरिडोर का इतिहास?
दरअसल, भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित पवित्र गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया था. करतारपुर कॉरिडोर की नींव 2018 में रखी गई थी. भारत में 26 नवंबर को और पाकिस्तान में 28 नवंबर को इसका शिलान्यास किया गया था. इसके बाद गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर 9 नवंबर 2019 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया.

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कहां स्थित है कॉरिडोर?
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा रावी नदी के पास पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है. ये डेरा बाबा नानक से करीब 4 किलोमीटर दूर है. यहां गुरुनानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल बिताए थे. करतारपुर कॉरिडोर शांति और धार्मिक सद्भावना का प्रतीक माना जाता है. दोनों देशों के बीच हुए समझौते में भारतीय पासपोर्ट धारकों और ओसीआई (भारतीय विदेशी नागरिकता) कार्ड धारकों के लिए वीज़ा मुक्त यात्रा, भारत के हिस्से को जोड़ने के लिए रावी नदी के डूबे क्षेत्र पर पुल निर्माण और रोज़ाना कम से कम पांच हज़ार श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाज़त शामिल है. (भाषा के इनपुट सहित)
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