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कश्मीर पर भारत के रुख से डरा पाकिस्तान, PoK में रच रहा ऐसी खतरनाक साजिश

नीतीश कुमार | News18Hindi
Updated: September 18, 2019, 7:21 PM IST
कश्मीर पर भारत के रुख से डरा पाकिस्तान, PoK में रच रहा ऐसी खतरनाक साजिश
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद और पीओके पर भारत के आक्रामक रूख को देखते हुए पाकिस्तान बेहद डरा हुआ है.

कश्मीर (Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद और पीओके (PoK) पर भारत (India) के आक्रामक रूख को देखते हुए पाकिस्तान (Pakistan) बेहद डरा हुआ है. उसे लगने लगा है कि भारत पाक अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) भी उससे छीन सकता है.

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  • Last Updated: September 18, 2019, 7:21 PM IST
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श्रीनगर. कश्मीर (Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद और पीओके (PoK) पर भारत (India) के आक्रामक रूख को देखते हुए पाकिस्तान (Pakistan) बेहद डरा हुआ है. उसे लगने लगा है कि भारत पाक अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) भी उससे छीन सकता है.

पीओके पर भारत के रूख को देखकर वहां के लोगों का भी हौसला बढ़ा है और पाकिस्तान के खिलाफ यहां आए दिन होने वाले प्रदर्शनों में और तेजी आई है. विद्रोह के स्वर और बुलंद होने लगे है. पाकिस्तान पूरी बर्बरता के साथ यहां के लोगों का दमन करने में लगा है. जाहिर तौर से पाकिस्तान की सरकार को पीओके के लोगों पर यकीन नहीं.ऐसे में पाकिस्तान ने पीओके की डेमोग्राफी को बदलने की ही साजिश रच डाली है.

डेमोग्राफी बदलने की योजना पर काम कर रहा है पीओके
पीओके जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर कहता है की आबादी तकरीबन 41 लाख है. 1948 में बनने के बाद से ही यहां शिया बहुल आबादी है. पीओके में मीरपुर, भिम्बर, कोटली, मुजफ्फराबाद, बाघ, नीलम, रावलकोट और सुधानोटी कुल 8 जिले हैं. मुजफ्फराबाद (Muzaffarabad) इसकी राजधानी है. पीओके का दूसरा हिस्सा गिलगित बलतिस्तान (Gilgit Baltistan) के नाम से जाना जाता है. ये भी शिया बहुल इलाका है.

पाकिस्तान अब पीओके की डेमोग्राफी को बदलने की योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa)  इलाके से सुन्नी मुसलमानों और पश्तूनों को पीओके में बसाना शुरू कर दिया है. इन्हीं लोगों को मिलाकर वो 15-20 हजार लोगों की जन मिलीशिया तैयार कर रहा है.

भारत पर हमले के लिए ये तैयारी कर रहा है पाक
इन लोगों को घातक हथियारों से लैस किया जा रहा है. ताकि अगर भारत पीओके में घुसता है तो ये लोग फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस की तरह काम करें. इसके पीछे पाकिस्तान का एक और मकसद भी है. दरअसल ये जन मिलीशिया सिविलियन इलाकों में तैनात होंगे. भारत की कार्रवाई में अगर ये मारे जाते हैं तो पाकिस्तान भारत पर सिवीलियन इलाकों को टॉरगेट करने का आरोप लगाकर और मानवाधिकार संगठनों को वहां ले जाकर इस मसले का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर सकता है.
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बच्चों को दी जा रही जेहाद की तालीम
इसके अलावा पाकिस्तान ने पीओके में पाकिस्तान फेडेरल मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के अंडर चल रहे तकरीबन 150 मदरसों को फंड की कमी के नाम पर अलग-अलग इलाकों में चल रहे एनजीओ को सौंप दिया है. इन एनजीओ को जैश और लश्कर जैसी आतंकी तंजीमें फंड करती हैं. अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि इन मदरसों में बच्चों को क्या पढ़ाया जाता होगा. न सिर्फ बच्चों को यहां जेहादी तालीम दी जा रही है बल्कि उन्हें एडवांस ट्रेनिंग, जिसमें हथियारों की ट्रेनिंग भी शामिल है के लिए बालाकोट (Balakot) के पास खैबर पख्तूनख्वा के मदरसों में भेजा जा रहा है.

खैबर पख्तूनख्वा के दारूल-उलूम हक्कानिया मदरसा में अल-कायदा (Al Qaeda) इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट का सरगना मौलाना असीम उमर भी पढ़ चुका है. साथ यूनिवर्सिटी ऑफ जेहाद के नाम से मशहूर इस हक्कानिया मदरसा ने तालिबान (Taliban) आतंकी मुल्ला उमर को डॉक्टरेट की ऑनरेरी डिग्री भी दी थी.

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First published: September 18, 2019, 7:16 PM IST
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