Kulbhushan Jadhav पर आज अपने ही गवाहों, जज और वकीलों के बीच नापाक सुनवाई करेगा पाकिस्तान

कुलभूषण जाधव (फाइल फोटो)

भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadahv) पर गुरुवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट (Islamabad Highcourt) में सुनवाई होगी. नौसेना के पूर्व अधिकारी 50 वर्षीय जाधव को 'जासूसी और आतंकवाद' के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी.

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    नई दिल्ली. पाकिस्तानी (Pakistan) जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadahv) पर गुरुवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इस सुनवाई में अदालत, वकील और गवाह सब पाकिस्तान के ही हैं. बीते दिनों पड़ोसी मुल्क ने भारतीय वकील मुहैया कराए जाने की अपील को खारिज कर दिया था. पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार जाधव के मामले की सुनवाई इस्लामाबाद हाईकोर्ट की बड़ी बेंच करेगी.

    भारत द्वारा वकील मुहैया कराए जाने की अपील को खारिज किए जाने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि ICJ के फैसले के पालन का दिखावा करने के लिए पाकिस्तान यह सब कर रहा है. उनका मानना है कि पाकिस्तान में जाधव के साथ सिर्फ अन्याय होता हुआ दिख रहा, न्याय हो नहीं रहा. बता दें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी 50 वर्षीय जाधव को 'जासूसी और आतंकवाद' के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी.

    भारत की मांग पर पाकिस्तान ने क्या कहा था?
    भारत द्वारा जाधव को वकील मुहैया कराए जाने की मांग पर पाकिस्तान ने कहा था कि इस देश की अदालत में भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी भारतीय वकील को अनुमति देना कानूनी रूप से संभव नहीं है. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफीज चौधरी से साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में इस संबंध में भारत द्वारा की गई मांग के बारे में सवाल किया गया था.

    उन्होंने कहा था कि भारतीय पक्ष जाधव का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी भारतीय वकील को अनुमति देने की असंगत मांग कर रहा है. हमने बार-बार उन्हें कहा है कि केवल वे वकील ही अदालत में जाधव का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जिनके पास पाकिस्तान में वकालत करने का लाइसेंस है.

    भारत पहुंचा था अंतरराष्ट्रीय न्यायालय
    भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच से पाकिस्तान द्वारा मना करने और मौत की सजा को चुनौती देने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पिछले साल (2019) जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराए जाने और सजा की प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार करना चाहिए और उसे बिना देरी किए भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए.

    पाकिस्तान द्वारा पहली राजनयिक पहुंच गत वर्ष दो सितंबर में प्रदान की गई थी. पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को उसके सुरक्षा बलों ने तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था जहां उन्होंने ईरान से कथित तौर पर प्रवेश किया था. वहीं भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था जहां नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनके व्यापारिक हित थे.

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