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भारत की तरक्क़ी और बढ़ती ताक़त से बौखलाए पाकिस्तान का नया प्रोपगैंडा

आतंकिस्तान पाकिस्तान इस कोशिश में है कि जितनी भी महाशक्तियां हैं वो FATF को पाकिस्तान की तरफ अपना रुख नरम करने के लिए कहें. (फाइल फोटो)

आतंकिस्तान पाकिस्तान इस कोशिश में है कि जितनी भी महाशक्तियां हैं वो FATF को पाकिस्तान की तरफ अपना रुख नरम करने के लिए कहें. (फाइल फोटो)

झूठ और प्रोपेगंडा की बुनियाद पर तैयार किया गया पाकिस्तान का ये नेशनल नैरेटिव दरअसल एक साज़िश है. पाकिस्तानी आर्मी और ISI के शैतानी दिमाग की उपज है, इमरान सरकार की बौखलाहट है जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लगातार बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए तैयार की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2021, 8:56 PM IST
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नई दिल्ली. भारत की तरक्क़ी और बढ़ती ताक़त से बौखलाया पाकिस्तान नया प्रोपगंडा गढ़ रहा है. पाकिस्तान ने साउथ एशिया के देशों पर भारत के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए प्रोपेगैंडा तैयार किया है जो कि नेशनल नैरेटिव से भरपूर है. पाकिस्तान साउथ एशिया के अलग-अलग देशों की मीडिया को टारगेट कर इस प्रोपगंडा को फैलाने की कोशिश में लगा हुआ है.

पाकिस्तान के इस नेशनल नैरेटिव के मुताबिक:
1. भारत ने शाइनिंग इंडिया, इनक्रेडिबल इंडिया के जरिये ग्लोबल लेवल पर अपनी इमेज को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया.

2. भारत ने अपने बढ़ते प्रभाव का इस्तेमाल पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नुकसान पहुंचाने के लिए किया.
3.किसी भी देश के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोच बनाने के काम को अभी भी पश्चिम के देश खासतौर से अमेरिका डोमिनेट करता है.पश्चिम के देशों की सोच-


a. भारत से obcessed है.
b.आतंकियों के लिए safe heaven है पाकिस्तान.
c.आर्थिक रूप से कमज़ोर और सामाजिक तौर पर बंटा हुआ है. ऐसे में पाकिस्तान से मन के मुताबिक वित्तीय डील की जा सकती है.
d. सिविल मिलिट्री डिवाइड है और मिलिट्री का वर्चस्व है.

4.पाकिस्तान की इस नेशनल नैरेटिव का जो सबसे हास्यास्पद पहलू है वो है अपने को एक शांतिपूर्ण, अमनपसंद और विकासशील मुल्क के तौर पर दुनिया के सामने पेश करने का जो जियो एकॉनॉमिकॉली एक अहम मुल्क है.

दरअसल इसके पीछे दर-दर भीख मांगते पाकिस्तान की मंशा ये है कि दुनिया के सामने ऐसा पाकिस्तान की ऐसी तस्वीर पेश करने से उसे दुनिया के देशों से वित्तीय सहायता मिलेगी.

5. भारत पर तंज कसते हुए पाकिस्तान अपने को उस मुल्क के तौर पर पेश करना चाहता है जहां Ease of doing बिज़नेस है और मल्टीनेशनल कंपनियां जहां ग्लोबल लेवल पर 3-21 फ़ीसदी प्रॉफिट कमाती है वहीं पाकिस्तान में इन कंपनियों का प्रॉफिट 16-33 फीसदी है.

6. पाकिस्तान चीन पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर यानी CPEC में अमेरिका का निवेश चाहता है. साफ है पाकिस्तान अमेरिका को फिर से रिझाने की कोशिश में है. नैरेटिव में वो कई जगह US को नाराज़ न करने की बात करता है.

7. पाकिस्तान के इस प्रोपगंडा narrative में अपने यहां चल रहे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को अफगानिस्तान तक फैलाने की बात है जो भारत को अफगानिस्तान में घेरने के एक खतरनाक मंसूबे की ओर इशारा करता है.

8. पाकिस्तान के मुताबिक वो ईस्ट वेस्ट की कनेक्टिविटी चाहता है लेकिन भारत की हिंदुत्व विचारधारा और विस्तारवादी नीति की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा.

9. पाकिस्तान अपने को टॉप टूरिस्ट और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पेश करने की कोशिश में है. पाकिस्तान के दावे के मुताबिक फ़ोर्ब्स मैगज़ीन और ब्रिटिश बैग पैकर्स सोसाइटी ने उसे टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन बताया है. पाकिस्तान का दावा है कि 2010 से अब तक आतंकी घटनाओं में 90 फीसदी की कमी आयी है और 2019 से किसी भी बिज़नेस एस्टेब्लिशमेंट और इन्वेस्टमेंट जोन में आतंकी हमला नहीं हुआ है.

जरा सोचिए जो देश हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे ग्लोबल आतंकी के नाम से पहचाना जाता हो, जिस देश में आतंकी ,बच्चों तक को नहीं बख्शते, वो अपने को दुनिया का टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन होने का दावा करता है.

10. पाकिस्तान अपने को एक जिम्मेदार देश के तौर पर दिखाना चाहता है जिसने चीनी दवाब के बावजूद भारत चीन विवाद का फायदा नही उठाया. कश्मीर के मसले पर भी उसने भारत के misadventure के बावजूद संयम दिखाया है.

पाकिस्तान की मंशा मुस्लिम देशों के बीच अपने को अकेला न्यूक्लियर स्टेट बताकर उसका रहनुमा बनने की है. इसके पीछे भी उसकी मंशा मुस्लिम देशों को भारत के खिलाफ करने की है. शायद इसी वजह से पाकिस्तान खुद के और मुस्लिम देशों बीच में एक पार्टनरशिप चाहता है. वो तुर्की और सऊदी अरब के बीच के विवाद में न पड़ने का दिखावा करता है, दूसरी ओर तुर्की के साथ लगातार डिफेंस पार्टनरशिप को मजबूत कर रहा है.

अफगानिस्तान में शान्ति के लिए चल रही वार्ता में वो अपने को स्टेक होल्डर बताता है और इसी वजह से तालिबान के साथ इंगेजमेंट की बात करता है जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट हैं. आतंकिस्तान पाकिस्तान इस कोशिश में है कि जितनी भी महाशक्तियां हैं वो FATF को पाकिस्तान की तरफ अपना रुख नरम करने के लिए कहें.

जाहिर तौर पर झूठ और प्रोपेगंडा की बुनियाद पर तैयार किया गया पाकिस्तान का ये नेशनल नैरेटिव दरअसल एक साज़िश है. पाकिस्तानी आर्मी और ISI के शैतानी दिमाग की उपज है, इमरान सरकार की बौखलाहट है जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लगातार बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए तैयार की गई है.
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