फिलिस्‍तीन के जिस स्‍टूडेंट को अमेरिका ने नहीं दी थी एंट्री, उसे अब हार्वर्ड ने बुलाया

इस्‍माइल अजावी (Ismail Ajjawi) नाम के फिलिस्‍तीनी स्‍टूडेंट (Palestinian student) को पिछले महीने अमेरिका (America) ने अपने यहां एंट्री देने से मना कर दिया था. अब वही छात्र अमेरिका की सबसे प्रतिष्‍ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) से पढ़ाई करेगा.

News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 5:52 PM IST
फिलिस्‍तीन के जिस स्‍टूडेंट को अमेरिका ने नहीं दी थी एंट्री, उसे अब हार्वर्ड ने बुलाया
फिलिस्‍तीन के इस्‍माइल को हार्वर्ड ने स्‍कॉलरशिप दी थी.
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Updated: September 4, 2019, 5:52 PM IST
न्‍यूयॉर्क: इस्‍माइल अजावी (Ismail Ajjawi) नाम के फिलिस्‍तीनी स्‍टूडेंट (Palestinian student) को पिछले महीने अमेरिका (America) ने अपने यहां एंट्री देने से मना कर दिया था. अब वही छात्र अमेरिका की सबसे प्रतिष्‍ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) से पढ़ाई करेगा. मंगलवार से हार्वर्ड में उसकी क्‍लास शुरू हो गई. 17 वर्षीय इस्‍माइल के वकील अल्‍बर्ट मोखीबर ने बताया, इस्‍माइल को हार्वर्ड से स्‍कॉलरशिप मिली थी. लेकिन उसने लेबनान के रिफ्यूजी कैंप में रहकर पढ़ाई से मना कर दिया था. इसके बाद अब उसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिला है.

वॉशिंगटन पोस्‍ट के अनुसार, इस्‍माइल के वकील ने इस कामयाबी के बाद हार्वर्ड, बेरूत में अमेरिकी दूतावास, मीडिया के अलावा इस मुहिम में सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्‍यवाद दिया है.

धर्म और सोशल मीडिया के बारे में पूछे सवाल
पिछले महीने जब इस्‍माइल अमेरिका आया तो अमेरिकी हवाई अड्डे पर उससे घंटो पूछताछ की गई. इसके बाद उसके फोन और कंप्‍यूटर की तलाशी ली गई. अधिकारियों ने उससे उसके धर्म और सोशल मीडिया के बारे में पूछताछ की. उसके वीजा को रद्द कर उसे वापस लेबनान भेज दिया गया.

5 घंंटे तक हुई पूछताछ
इस्‍माइल ने बताया, 5 घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद एक महिला अधिकारी ने मुझे एक रूम में बुलाया और मुझ पर बुरी तरह चीखनी लगी. उन्‍होंने मुझसे कहा, सोशल मीडिया पर तुम्‍हारे ऐसे फ्रेंड हैं, जो अमेरिका और यहां की आर्मी के बारे में भला बुरा कहते हैं. मैंने उनसे कहा, मेरा उनसे कोई सीधा वास्‍ता नहीं है. न ही मैं उनकी किसी पोस्‍ट को लाइक करता हूं और न ही उनकी पोस्‍ट शेयर करता हूं. इसलिए मैं उनकी किसी भी पोस्‍ट के लिए किसी भी तरह जिम्‍मेदार नहीं हूं.

अमेरिकी कस्‍टम और बॉर्डर प्रोटेक्‍शन के प्रवक्‍ता माइकल मैकार्थी ने कहा, हमारा विभाग सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग रहता है. ऐसे में उसकी कोशिश रहती है कि हमेशा अच्‍छे लोग अमेरिका में प्रवेश करें. हालांकि मंगलवार के घटनाक्रम पर प्रवक्‍ता का कोई बयान नहीं आया.
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पिछले 10 दिन परिवार के लिए कठिनाई वाले
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इस्‍माइल के परिवार वालों का कहना है कि उनके बेटे के अमेरिका से लौटने के बाद लेबनान,अमेरिका, मेसाचुसेट्स और हार्वर्ड में कई लोगों ने अपनी ओर से मेहनत की, इसी का परिणाम है कि इस्‍माइल अब हार्वर्ड में पढ़ाई कर सकेगा. इस्‍माइल के परिजन का कहना है कि पिछले 10 दिन हमारे लिए काफी कठिनाई भरे रहे.

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First published: September 4, 2019, 5:22 PM IST
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