पलवल का खुला रहस्य: जहां सभी जानते हैं किसने किया पशु चोर का कत्ल

गांव के एक निवासी ने कहा,हर भैंस की कीमत लाखों में होती है. अगर आपकी भैंस चोरी हो जाए तो यह बहुत ही सदमा लगने वाली बात होती है.

News18Hindi
Updated: August 12, 2018, 12:45 PM IST
पलवल का खुला रहस्य: जहां सभी जानते हैं किसने किया पशु चोर का कत्ल
Rounak Kumar Gunjan/News18.com
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Updated: August 12, 2018, 12:45 PM IST
रौनक सिंह गुंजन
हरियाणा स्थित पलवल के बहरोला गांव में बीते 10 दिन से कथित हत्या का रहस्य छुपाया जा रहा है. गांव के किसी भी शख्स को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि खेतों के किनारे चारों ओर पेड़ से घिरे झोपड़ी में रहने वाला 12 लोगों का परिवार किसी की हत्या भी कर सकता है. हालांकि जब पुलिस सुबह घटनास्थल पर पहुंची तो वहां उन्हें एक शख्स पेड़ से बंधा हुआ मृत मिला.

शुरुआती जांच और मीडिया रिपोर्ट्स ने इस घटना को मॉब लिंचिंग बताया है, हालांकि मामले की जांच में शामिल लोग अभी सबूतों पर आधारित निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं. NEWS18 इस घटना की पड़ताल के लिए इस गांव में पहुंचा.

यहां लोगों ने बताया कि दो अगस्त को तड़के करीब 3 बजे दस लोगों का एक समूह गांव के आखिरी घर पहुंचा और कथित रूप से एक भैंस को मच्छरदानी में बांध कर चुराने की कोशिश की. हालांकि वहां हलचल की आवाज़ से घर के अंदर मौजूद लोग जाग गए और उनकी ये कोशिश नाकाम हो गई.

सबसे पहले बीर सिंह और राम किशन घर से बाहर निकले. इस दौरान 9 लोग तो फरार हो गए, लेकिन 1 शख्स पकड़ा गया. राम किशन बताते हैं कि उसे पीटे जाने के बाद भैंसों के बगल ही एक पेड़ से बांध दिया गया. शोर-शराबे के चलते गांव के दूसरे लोग भी वहां पहुंच गए.

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एक गांव वाले ने कहा, 'शख्स जिंदा था, लेकिन उसकी हालत ठीक नहीं थी. उसे बहुत मारा गया था, लेकिन इससे उसकी मौत नहीं हो सकती. हम पक्के तौर पर यह कह सकते हैं कि उसने किसी नशे का सेवन किया था. उसने भागने की कोशिश में किसी चीज से ठोकर खाई होगी.' गांव वाले ने यह बात बताने के दौरान परिवार को बचाने की भरसक कोशिश की .

करीब 5.30 बजे गांव के ही एक निवासी ने पुलिस को सूचना दी, जो करीब 1 घंटे बाद भी नहीं आई.


रामकिशन की पत्नी बताती है कि उस शख्स ने हमसे पानी मांगा. हमने सोचा कि अगर वह चोर भी है तो उसे प्यासा नहीं रखना चाहिए. पुलिस आएगी और उसे सज़ा देगी. उसने दावा किया कि चोर ने पानी पीने के बाद आखिरी सांस ली.

फोन करने के 2 घंटे बाद आई पुलिस ने पाया कि शख्स की मौत हो चुकी है. आसपास खून के निशान नहीं थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि इंटेस्टाइन में ब्लीडिंग, शॉक और ब्रेन हेमरेज के चलते मौत हो गई. एसएचओ सदर पुलिस स्टेशन देवेंद्र सिंह ने कहा कि 'यह धार्मिक रूप से प्रेरित हत्या नहीं है.'

गांव के ही एक अन्य निवासी कहते हैं, 'भैंसों की चोरी इन दिनों आम बात हो गई है. जानवर चोरी करने वाले लोग निकर पहने हुए पूरी तरह से तेल में सने होते हैं. जैसे ही फसलें बड़ी होती हैं ये सक्रिय हो जाते हैं. हर भैंस की कीमत लाखों में होती है. अगर आपकी भैंस चोरी हो जाए तो यह बहुत ही सदमा लगने वाली बात होती है.

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150-200 लोगों के इस गांव में प्रमुख पेशा किसानी और पशुपालन है. उनकी आमदनी का मुख्य जरिये भैंसे और मौसमी फसलें हैं.


उसी घर में रहने वाली संतरा देवी ने बताया, 'एक महीने के भीतर गांव में 3 चोरियां हो चुकी हैं. अगर पुलिस कुछ नहीं करेगी तो आप गांव वालों से क्या उम्मीद करते हैं. अगर कोई आपके घर में चोरी करने आएगा तो क्या आप जवाब नहीं देंगे.'

गांव वालों ने यह दावा भी किया पास के गांवों में भी चोरी होती है. जानवरों की चोरी करने वालों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. हरियाणा पुलिस ने 3 दिन पहले उसका अंतिम संस्कार कर दिया.

पलवल पुलिस के एसपी वसीम अकरम ने कहा कि भिंड और कन्नौज से लोग शख्स की शिनाख्त करने आए, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला. अकरम कहते हैं कि हमने पास के थानों को भी सूचना दी और पुलिस नेटवर्क पर फोटो भी अपलोड की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. हमने शव का अंतिम संस्कार करने से पहले 1 हफ्ते तक इंतजार किया.

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दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद से बीर सिंह और उसका बड़ा भाई फरार हैं, जबकि रामकिशन पुलिस की गिरफ्त में है. हालांकि, पलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि इन्हीं तीन भाइयों ने गांव के दूसरे लोगों के साथ उस शख्स को मार डाला या फिर उसकी खुद से लगी चोट के कारण मौत हुई.
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