आधार के बाद PAN कार्ड की डिटेल चोरी, 25 हजार सैलरी पाने वाला बना 13 फर्मों का मालिक

आधार के बाद PAN कार्ड की डिटेल चोरी, 25 हजार सैलरी पाने वाला बना 13 फर्मों का मालिक
सांकेतिक तस्वीर

बिहार के बक्सर से रहने वाले अनुज श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने शुरुआत में तीन नोटिसों को नजरअंदाज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अप्रैल 2015 में 61.37 लाख रुपये के लेनदेन के लिए अपने पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2018, 9:31 PM IST
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दिल्ली के रहने वाले सेल्स एक्जीक्यूटिव अनुज कुमार श्रीवास्तव की कहानी किसी परीकथा से कम नहीं है लेकिन, इसमें एक ट्विस्ट है. अनुज श्रीवास्तव की सैलरी 25000 रुपये है और वह दिल्ली के लक्ष्मी नगर में किराए पर रहते हैं. उन्हें हाल ही में पता चला कि वह 13 कंपनियों के निदेशक और 20 करोड़ के लेनदेन में शामिल थे. दरअसल, पूरा मामला पैन कार्ड का है.

जनवरी में आयकर विभाग ने अनुज श्रीवास्तव को गलत पहचान बताने और पैन कार्ड से जुड़े रैकेट में शामिल होने का नोटिस भेजा था. श्रीवास्तव को इस चक्कर से बाहर निकलने में कई महीनों का वक्त लग गया. 31 जुलाई को दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को श्रीवास्तव की शिकायत पर एक्शन लेने और 1 सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा. अनुज श्रीवास्तव को उम्मीद है कि आयकर विभाग अब अपनी गलती को स्वीकार कर लेगा.

बिहार के बक्सर से रहने वाले अनुज श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने शुरुआत में तीन नोटिसों को नजरअंदाज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अप्रैल 2015 में 61.37 लाख रुपये के लेनदेन के लिए अपने पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा कि उन्हें एक आईटी अधिकारी का फोन आया जिसने उन्हें बताया कि यह भुगतान सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए किया गया था और इसे एक राष्ट्रीय बैंक की जनकपुरी शाखा से किया गया था.



इसके बाद जब अनुज श्रीवास्तव ने अपने सीए के साथ बैंक के मैनेजर से संपर्क किया. जब बैंक मैनेजर ने उन्हें उनके वोटर आईडी, पैन कार्ड और तस्वीर की फोटोकॉपी दिखाई तो वे चौंक गए. हालांकि, साइन मेल नहीं हो रहा था. अनुज श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब टैक्स के रूप में उनकी सैलरी से भारी रकम काट दी गई, तो उन्होंने फिर से जांच एजेंसी से संपर्क करने की कोशिश की.



अनुज श्रीवास्तव ने बताया कि अपने सीए के जरिये उन्हें पता चला कि उन्हें 13 कंपनियों का निदेशक बनाया गया है और उनके पेन कार्ड का इस्तेमाल फर्जी खाता खोलने के लिए किया गया है. जिनसे कुछ महीनों में 20 करोड़ का लेनदेन किया गया.

अनुज श्रीवास्तव अन्त में हंसते हुए कहते हैं कि अपनी सैलरी पर उन्हें बैंक से 5 लाख का पर्सनल लोन नहीं मिलता है, लेकिन अब उनके दोस्त उन्हें टाइकून कहते हैं.
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