J&K के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, अब पंच-सरपंचों को मिलेगा 2 लाख का बीमा और सुरक्षा

मोदी सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर के पंच और सरपंचों को ₹200000 का बीमा कवर और उनके इलाके में सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है.

अमित पांडेय | News18.com
Updated: September 3, 2019, 5:21 PM IST
J&K के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, अब पंच-सरपंचों को मिलेगा 2 लाख का बीमा और सुरक्षा
जम्मू-कश्मीर में पंच और सरपंच बनेंगे विकास का जरिया.
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18.com
Updated: September 3, 2019, 5:21 PM IST
दिल्‍ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में पंच और सरपंच सीधे कैसे अपने अपने इलाकों का विकास कर सकें और किस तरीके से विकास की राशि कश्मीर की जनता तक सीधे पहुंचे उसके लिए गृह मंत्रालय में गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने उनके साथ अहम बैठक की. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu and Kashmir Administration) और गृह मंत्रालय (Home Ministry) के आला अधिकारी भी शामिल हुए. बैठक के बाद सरकार ने सरपंचों को ₹200000 का बीमा कवर और उनके इलाके में सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया.

100 पंचों और सरपंचों ने की गृह मंत्री से मुलाकात
जम्मू-कश्मीर के करीब 100 पंचों और सरपंचों ने गृह मंत्री अमित शाह और आला अधिकारियों के साथ राज्य के अहम मुद्दों पर मुलाकात की. धारा 370 हटने के बाद यह पहला ऐसा मौका था जब जम्मू-कश्मीर राज्य के पंच और सरपंच गृह मंत्रालय में इस उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए. बैठक में जहां एक ओर सरकार ने साफ किया कि जनता के खर्चे के लिए भेजा गया पैसा सीधे जनता तक पहुंचे यह उसकी प्राथमिकता है तो वही जनता के नुमाइंदों ने उम्मीद जताई कि जो भरोसा सरकार ने उन्हें दिलाया है वहां की समस्या को दूर करने पर वह खरा उतरेंगे. मीर जुनैद जो कि पांपोर से ताल्लुक रखते हैं और जिले से सरपंच हैं. उनका कहना था कि ऐसी बैठक के बाद अब भरोसा है कि जम्मू-कश्मीर में परिवारवाद की राजनीति का खात्मा होगा और अगला जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री इन्हीं पंच और सरपंच में से एक होगा.

किसान भी बैठक में हुए शामिल

पंचों और सरपंचों के अलावा जम्मू-कश्मीर में सेब की खेती से भी जुड़े लोगों ने बैठक में हिस्सा लिया. बैठक के बाद गृह मंत्रालय की ओर से इन लोगों को भरोसा दिलाया गया कि पंचों और सरपंचों को दो लाख का बीमा कवर सरकार उन्हें मुहैया करवाएगी. इसके अलावा गांव के इन जनप्रतिनिधियों को जो जान का खतरा हमेशा बना रहता है आतंकवादियों द्वारा उससे निपटने के लिए उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करवाई जाएगी. मुलाकात के बाद सरपंचों का कहना था कि उन्हें उम्मीद जगी है कि अब उनकी स्थानीय समस्याओं को सुनने वाला कोई है. मीर अल्ताफ जो कि पांपोर से सरपंच हैं उनका कहना था कि घाटी में धारा 370 हटने के बाद कुछ लोग हैं जो डर का माहौल बना रहे हैं. ऐसे में ये मुलाकात वहां के लोगों में भरोसा दिलाने के लिए एक अहम कड़ी है.

मोदी सरकार की पहल से हुए चुनाव
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ महीनों पहले पंचायत चुनाव हुए थे जिसमें करीब 40,000 पंच और सरपंच चुनकर आए थे. इनमें से करीब 5000 सरपंच हैं जबकि 35000 पंच हैं. इस मुलाकात से पहले और यहां तक कि धारा 370 हटने से पहले भी गृहमंत्री अमित शाह ने अलग-अलग मंचों पर सरकार की प्राथमिकता को गिनाते हुए कहां है कि सरपंचों को जागरूक करना और उनका सशक्तिकरण करना सरकार के अहम लक्ष्यों में से एक है. बैठक में सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि जम्मू-कश्मीर में संचार व्यवस्था अगले 15 दिनों में पूरी तरीके से लागू हो जाएगी अगर हालात इसी तरीके से सामान्य की दिशा में बढ़ते गए.
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इसके अलावा करीब 80000 करोड़ के विकास की परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर में केन्द्र सरकार की चल रही हैं. सरकार की यही कोशिश है कि ये योजनाएं जल्द ही खत्म हों, साथ में पंच और सरपंच जो जनता की अहम कड़ी हैं वो जम्मू-कश्मीर में विकास के अहम भागीदार बनें.

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First published: September 3, 2019, 5:16 PM IST
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