जम्मू-कश्मीर में विकास के लिए पंचायतें नयी मॉडल बनेंगी: मनोज सिन्हा

उप राज्यपाल ने कहा कि गांव की ओर अभियान की आत्मा लोगों की भागीदारी से जुड़ी है (फाइल फोटो)
उप राज्यपाल ने कहा कि गांव की ओर अभियान की आत्मा लोगों की भागीदारी से जुड़ी है (फाइल फोटो)

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Deputy Governor Manoj Sinha) ने कहा,‘‘जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में पंचायतें न्यायोचित विकास और वृद्धि की नयी मॉडल (New Model) होगीं, जहां लोग अपनी प्राथमिकताएं तय करेंगे और प्रशासन (Administration) समन्वयक की भूमिका में रहेगा. कोई खोखली घोषणाएं नहीं,मैंने जो वादा किया है,उसे पूरा किया जाएगा.’’

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श्रीनगर. जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Deputy Governor Manoj Sinha) ने शनिवार को कहा कि केन्द्र शासित क्षेत्र (Union Territory) में पंचायतें (Panchayats) न्यायोचित विकास और वृद्धि (Equitable development and growth) की नयी मॉडल होगीं, जहां लोग अपनी प्राथमिकताएं (preferences) तय करेंगे और प्रशासन समन्वयक (Coordinator) की भूमिका में रहेगा. सिन्हा ने ‘बैक टू विलेज-3’ कार्यक्रम (Back to village-3 program) के दूसरे दिन उत्तरी कश्मीर (North Kashmir) के बांदीपोरा जिले (Bandipora District) के नेसबल क्षेत्र की यात्रा के दौरान यह बात कही.

सिन्हा ने कहा,‘‘जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में पंचायतें न्यायोचित विकास और वृद्धि की नयी मॉडल (New Model) होगीं, जहां लोग अपनी प्राथमिकताएं तय करेंगे और प्रशासन (Administration) समन्वयक की भूमिका में रहेगा. कोई खोखली घोषणाएं नहीं,मैंने जो वादा किया है,उसे पूरा किया जाएगा.’’ उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का सामाजिक-आर्थिक विकास (Socio-Economic Development) एक उदाहरण बने और देश के अन्य राज्यों के लिए एक मानदंड बने.

किसान, कलाकार, मजदूर, उद्यमी सभी को योजनाओं से लाभ होगा: सिन्हा
सिन्हा ने कहा कि किसान, कलाकार, मजदूर, उद्यमी सभी को आने वाली और वर्तमान में चल रही योजनाओं से लाभ होगा. उप राज्यपाल ने कहा कि गांव की ओर अभियान की आत्मा लोगों की भागीदारी से जुड़ी है. उपराज्यपाल ने निर्माण क्षेत्र के 1,400 श्रमिकों के लिए 100.75 लाख रुपये की शिक्षा सहायता राशि दी और जिले में कोविड-19 ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले डॉ शबीर अहमद के दो बच्चों की पढ़ाई के 1.20 लाख रुपए दिए.
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साल 2019 में 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा वापस लेकर इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नाम के दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था. तबसे अब तक जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए कई सारी योजनाओं की घोषणा की जा चुकी है.
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