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महाराष्ट्रः कोरोना का डर हुआ कम, बरती जा रही है लापरवाही; इसीलिए बढ़ रहे हैं मामले

महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में अकेले कोरोना के 85 फीसदी से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं. 

 (Pic- AP)

महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में अकेले कोरोना के 85 फीसदी से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं. (Pic- AP)

Maharashtra Corona Case updates: केंद्र सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने का कारण महामारी के प्रति लोगों की कम जागरूकता और डर की कमी है.

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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Corona Cases in Maharashtra) के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लगातार तीन दिनों से 10 हजार से ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं. नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 22,08,586 तक पहुंच गई. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि विदर्भ, पुणे और मुंबई में तेजी से नए मामले सामने आने से पिछले 13 दिनों में एक लाख मामले जुड़े हैं.

केंद्र सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने का कारण महामारी के प्रति लोगों की कम जागरूकता और डर की कमी है. बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय टीमें भेजी हैं. ये टीमें कोरोना से जुड़ी निगरानी में राज्य सरकार की मदद करेगी.

रविवार को सामने आए 11 हजार से ज्यादा मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को राज्य में कोरोना वायरस के 11,141 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, 38 लोगों की मौत संक्रमण के कारण हुई है, जिससे कुल मौत का आंकड़ा 52,478 हो गया है. इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को, राज्य ने क्रमशः 10,216 और 10,187 मामले दर्ज किए थे.
औरंगाबाद जिले में लगाया गया नाइट कर्फ्यू


संभाजीनगर (औरंगाबाद) में कोरोना के केस में वृद्धि होने की वजह से वीकेंड पर पूर्ण लॉकडाउन लागू करने का फैसला लिया गया है. महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि 11 मार्च से 4 अप्रैल तक बढ़ते कोरोना वायरस मामलों के बीच संभाजीनगर (औरंगाबाद) में रात के समय प्रतिबंध लागू रहेंगे. इसका समय रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक होगा. वहीं, वीकेंड पर पूरी तरह से लॉकडाउन होगा. इस दौरान स्कूल, कॉलेज, मैरिज हॉल बंद रहेंगे.

महाराष्ट्र देश के उन 6 राज्यों में शामिल है, जहां कुल संक्रमितों के 85 फीसदी केस दर्ज किए गए हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ महाराष्ट्र में देश के कुल संक्रमितों का 50 फीसदी केस दर्ज किए जा रहे हैं. सरकार द्वारा साझा की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में ग्राम पंचायत चुनाव, शादी के मौसम और स्कूलों के खुलने, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन आदि में लोगों की काफी भीड़ देखी गई है. भीड़ ने कोरोना नियमों का पालन नहीं किया है, जिसके कारण संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है.

टीकाकरण में लानी होगी तेजी
केंद्र सरकार ने कहा है कि जिन राज्यों में कोरोना के मामले बढ़े हैं उन्हें टीकाकरण को और तेज करना होगा. एक बैठक में राज्यों से कहा गया है कि कम से कम 15 दिनों और अधिकतम 28 दिनों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम की खातिर निजी अस्पतालों के साथ गठबंधन करें. केंद्र सरकार का कहना है कि राज्य अब मिशन मोड में काम करें. केंद्र ने कहा कि ‘जांच करने, पता लगाना और इलाज करने’ की रणनीति को जारी रखें. राज्यों से कहा गया कि जिन जिलों में मामलों की संख्या बढ़ रही है वहां कड़े नियम लागू किए जाएं. संक्रमित लोगों के संपर्क में आए कम से कम 20 लोगों का पता लगाया जाए. क्लीनिकल प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए.

केंद्र ने कहा, ‘‘कोताही नहीं बरतें. निगरानी, संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का पता लगाने और जांच के मूल नियमों का पालन करें. सूक्ष्म योजनाएं बनाएं और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें. गृह पृथक-वास सुनिश्चित करें, हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सौ फीसदी आबादी की जांच करें और प्रसार पर रोक लगाने के लिए संक्रमितों को पृथक करें.’’
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