भारत-चीन के बीच सैन्य बातचीत का अगला दौर शुरू, पैंगोंग त्सो अब भी बड़ी समस्या

भारत-चीन के बीच सैन्य बातचीत का अगला दौर शुरू, पैंगोंग त्सो अब भी बड़ी समस्या
भारतीय और चीनी सेना के बीच अभी कई स्तर की सैन्य वार्ता होनी है (सांकेतिक फोटो)

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन गतिरोध (India-China Standoff) के एक महीने के बाद दोनों देशों की ओर से सेनाओं को आंशिक रूप से पीछे बुलाने के साथ अंतत: दोनों के बीच की बर्फ पिघलने के कुछ संकेत मिले थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2020, 10:09 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. भारत और चीन (China) ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मई की शुरुआत से चल रहे सैन्य टकराव (Military confrontation) को खत्म करने की दिशा में बातचीत की शुरुआत की. यह दोनों पक्षों के बीच सैन्य बातचीत के एक और दौर की शुरुआत है.

बुधवार को लेह स्थित 3 इन्फैन्ट्री डिवीजन (3 Infantry Division) के कमांडर मेजर जनरल अभिजीत बापट की अगुवाई में बातचीत हुई. जिसके बाद अब प्रतिद्वंद्वी ब्रिगेडियर और कर्नल स्तर के अधिकारियों (rival brigadier and colonel-level officers) के बीच कई बैठकें होनी हैं.

चीन ने भारी संख्या में की थी सैनिकों, तोपों और टैंकों की तैनाती
एक सूत्र ने कहा, “यह एक चरण-दर-चरण प्रक्रिया होगी, जिसमें प्रत्येक घुसपैठ बिंदु और टकराव को हल करने के तौर तरीकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. पैंगॉन्ग त्सो (त्सो का मतलब झील) पर चल रही तनातनी को खत्म करना सबसे मुश्किल काम होगा. वहीं यथास्थिति की बहाली अभी भी दूरी ही लगती है."
भारतीय सेना LAC पर अपने क्षेत्र के भीतर 7,000 से अधिक सैनिकों, तोपों और टैंकों के साथ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की जबरदस्त सैन्य मौजूदगी के बारे में चिंतित है.



भारत ने भी चीन के जवाब में की लगभग उतने ही सैनिकों की तैनाती
हालांकि भारत ने भी "जैसे को तैसा" की नीति के तहत 10,000 से अधिक सैनिकों को उनके "ऑपरेशनल अलर्ट क्षेत्रों" की ओर भेज दिया है, हालांकि थोड़ी देरी इसमें हुई. इसके बाद दोनों पक्षों को इस बात पर भी सहमत होना होगा कि सैनिकों की ऊंची संख्या को धीरे-धीरे कैसे कम किया जाए.

हालांकि इससे पहले वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन गतिरोध (India-China Standoff) के एक महीने चलने के बाद अंतत: दोनों के बीच की बर्फ पिघलने के कुछ संकेत दिये गये थे. भारतीय सेना (Indian Army) के सूत्रों ने बताया था कि भारतीय और चीनी दोनों ही पक्षों ने चार में से तीन क्षेत्रों में आंशिक रूप से अपनी सेनाओं को पीछे भेजा है, जहां वे अब तक एक-दूसरे की आंखों में आंखें डालकर घूर रहे थे. ये जगहें गलवान घाटी (Galwan Valley) और हॉट स्प्रिंग्स में PP14, PP15 और PP17 A हैं. इन क्षेत्रों में, दोनों पक्षों के पास लगभग 1,500 सैनिक हैं और उन्होंने अपने वर्तमान स्थानों से 1.2 से 2 किमी पीछे हटे हैं.

यह भी पढ़ें: 14 जून को सबरीमाला मंदिर की मासिक पूजा के लिए Covid टेस्ट रिपोर्ट दिखाना जरूरी

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज