UNESCO के मैन एंड बायोस्फेयर प्रोग्राम का हिस्सा बना पन्ना टाइगर रिजर्व

पन्ना टाइगर रिजर्व (सांकेतिक तस्वीर)
पन्ना टाइगर रिजर्व (सांकेतिक तस्वीर)

पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) भारत का 22वं बाघ अभयारण्य है. मध्य प्रदेश में इसका नंबर 5वां है. मुख्य रूप से बाघों के लिए पहचान रखने वाले इस रिजर्व में मगरमच्छों और अन्य जीवों की संख्या भी अच्छी खासी है.

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  • Last Updated: October 29, 2020, 10:49 PM IST
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नई दिल्ली. पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) को UNESCO ने अपने Man and Biosphere प्रोग्राम का हिस्सा बनाया है. पन्ना टाइगर रिजर्व भारत का 22वं बाघ अभयारण्य है. मध्य प्रदेश में इसका नंबर 5वां है. मुख्य रूप से बाघों के लिए पहचान रखने वाले इस रिजर्व में मगरमच्छों और अन्य जीवों की संख्या भी अच्छी खासी है.

ये टाइगर रिजर्व विंध्य रेंज में स्थित है. यह मध्य प्रदेश के उत्तर में पन्ना और छतरपुर जिलों में फैला हुआ है. इसकी स्थापना साल 1981 में की गई थी. तब इसकी स्थापना राष्ट्रीय उद्यान के तौर पर की गई थी. करीब 13 साल बाद यानी 1994 में केंद्र सरकार द्वारा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था.


इस टाइगर रिजर्व में 1975 में बनाए गए पूर्व गंगऊ वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्र भी शामिल हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या को लेकर चिंता भी जताई जाती रही. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की वेबसाइट के अनुसार देश में 2019 में कुल 81 बाघों की मौत हुई. जनवरी से दिसंबर 2019 तक मध्यप्रदेश में 32 बाघों की मौतें हुई. इसमें शुरूआती पहले तीन महीने में हुईं मौतों के आंकड़े भी शामिल हैं.
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