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परमबीर सिंह के आरोपों पर अनिल देशमुख का पलटवार, कहा- दायर कर रहा हूं मानहानि का मामला

देवेन्द्र फड़नवीस ने कहा,

देवेन्द्र फड़नवीस ने कहा, "मुख्यमंत्री को इस बारे में पहले भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया." फाइल फोटो

Maharashtra HM Anil Deshmukh: परमबीर सिंह ने उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में कहा है कि गृह मंत्री देशमुख ने सचिन वाझे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की डिमांड रखी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 10:20 PM IST
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नई दिल्ली. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param Bir Singh) ने शनिवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को पत्र लिखकर गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया. परमबीर सिंह के इन आरोपों पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने ट्वीट कर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सचिन वाझे (Sachin Vaze) का सीधा कनेक्शन और मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) का केस सामने आ रहा है. परमबीर सिंह को डर है कि ये कनेक्शन उन तक पहुंच सकता है. ऐसे में वे खुद को बचाने के लिए गलत आरोप लगा रहे हैं, ताकि उनके खिलाफ कानूनी एक्शन ना हो.

मानहानि का मामला दायर करेंगे अनिल देशमुख
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि 'परमबीर सिंह को अपने आरोपों को साबित करना चाहिए. मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर करने जा रहा हूं.' उन्होंने कहा, "परमबीर सिंह द्वारा मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं और मुझे और महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार को बदनाम कर खुद को बचाने की साजिश है." सचिन वाझे की गिरफ्तारी के इतने दिनों बाद तक वे खामोश क्यों रहे. उन्होंने पहले क्यों नहीं बोला." देशमुख ने कहा कि मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के मामले में जांच को पटरी से उतारने के लिए परमबीर सिंह द्वारा एक साजिश तक ये आरोप लगाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री को परमबीर सिंह द्वारा लगाए आरोपों के मामले में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए.

उधर, परमबीर सिंह के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने कहा महाराष्ट्र के गृहमंत्री का इस्तीफा मांगा. उन्होंने कहा कि अगर गृहमंत्री के खिलाफ मुख्यमंत्री कोई एक्शन नहीं लेते हैं, तो उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि मुख्यमंत्री को इस बारे में पहले भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया. बता दें कि परमबीर सिंह ने उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में कहा था कि गृह मंत्री देशमुख ने सचिन वाझे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की डिमांड रखी थी.
परमबीर सिंह का तबादला



बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई पुलिस के आयुक्त परमबीर सिंह का बुधवार को तबादला कर दिया था. राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हेमंत नागराले, परमबीर सिंह की जगह मुंबई पुलिस के नए आयुक्त होंगे. सिंह का राज्य के होमगार्ड विभाग में तबादला कर दिया गया है.

एनआईए का दावा है कि इस केस में जिलेटिन की छड़ें बरामद होने के मामले में कुछ 'अन्य लोग' भी शामिल थे, जो गिरफ्तार किये गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को कथित रूप से निर्देश दे रहे थे. एनआईए के सूत्रों ने कहा कि मामले की गुत्थी लगभग सुलझ चुकी है और जल्द ही ''पूरे षड़यंत्र'' से पर्दा उठ जाएगा. बुधवार दोपहर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने वाले देशमुख ने ट्विटर के जरिये सिंह के तबादले की जानकारी दी.

हेमंत नागराले मुंबई पुलिस के नए आयुक्त 

देशमुख ने ट्वीट किया, ''सरकार का बड़ा फैसला. श्री हेमंत नागराले मुंबई पुलिस के नए आयुक्त होंगे. रजनीश सेठ को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.'' उन्होंने लिखा, ''संजय पांडे को महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम की जिम्मेदारी दी गई है. परमबीर सिंह को होमगार्ड विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.'' 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी नागराले केतन पारेख घोटाला और हर्षद मेहता घोटाला जैसे मामलों की जांच कर चुके हैं.

पूर्व CM देवेन्द्र फड़णवीस का दावा
भाजपा नेता देवेन्द्र फड़णवीस ने दावा किया कि साल 2018 में जब वह मुख्यमंत्री थे, तब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनसे बात कर उस समय निलंबित पुलिस अधिकारी वाजे को पुलिस बल में बहाल करने का अनुरोध किया था. राज्य पुलिस काडर के 1990 बैच के 'मुठभेड़ विशेषज्ञ' वाजे को 2002 में घाटकोपर धमाके के संदिग्ध ख्वाजा यूनुस की हिरासत में हुई मौत के संबंध में 2004 में निलंबित कर दिया गया था. पिछले साल उन्हें फिर से पुलिस में बहाल कर दिया गया था.

सचिन वाजे और शिवसेना
आत्महत्या के लिये उकसाने के एक मामले में पिछले साल नवंबर में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करने वाली टीम की अगुवाई करने वाले वाजे अपने निलंबन के समय शिवसेना में शामिल हो गए थे. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि वाजे 2008 तक शिवसेना के सदस्य थे.

महाराष्ट्र सरकार ने सिंह का तबादला करने का फैसला राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की सिलसिलेवार बैठकों के बाद लिया है.
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