PM मोदी के पसंदीदा अफसर परमेश्वरन अय्यर ने दिया इस्तीफा, स्वच्छता विभाग के सचिव की थी जिम्मेदारी

PM मोदी के पसंदीदा अफसर परमेश्वरन अय्यर ने  दिया इस्तीफा, स्वच्छता विभाग के सचिव की थी जिम्मेदारी
नियुक्ति से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति ने अय्यर का इस्तीफा 21 अगस्त के प्रभाव से स्वीकार कर लिया है (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश केडर (Uttar Pradesh cadre) के 1981 बैच के सेवानिवृत आईएएस अधिकारी (Retd IAS Officer) परमेश्वरन अय्यर (sanitation specialist) को इस साल फरवरी में एक वर्ष के लिए 30 अप्रैल, 2021 तक का सेवा विस्तार (one-year extension) दिया गया था.

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नई दिल्ली. पेयजल एवं स्वच्छता सचिव (Drinking Water and Sanitation Secretary) परमेश्वरन अय्यर (Parameswaran Iyer) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कार्मिक मंत्रालय (Personnel Ministry) द्वारा सोमवार को आदेश में यह जानकारी दी गयी है. इस आदेश के अनुसार नियुक्ति से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने अय्यर का इस्तीफा 21 अगस्त के प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. पीएम मोदी (PM Modi) ने उन्हें रिटायरमेंट के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी थी और उन्होंने उनके प्रयासों की मन की बात (Mann ki Baat) के दौरान तारीफ भी की थी.

उत्तर प्रदेश संवर्ग (Uttar Pradesh cadre) के 1981 बैच के सेवानिवृत आईएएस अधिकारी (Retd IAS Officer) एवं विख्यात स्वच्छता विशेषज्ञ अय्यर (well-known sanitation specialist) को इस साल फरवरी में एक वर्ष के लिए 30 अप्रैल, 2021 तक का सेवा विस्तार (one-year extension) दिया गया था. वह 2016 में इस पर अनुबंध के आधार (contractual basis) पर नियुक्त किये गये थे.

स्वच्छ जल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव के रूप में 2019 में मिला था एक साल का सेवाविस्तार
उन्हें स्वच्छ जल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव के रूप में 2019 में भी एक साल का सेवाविस्तार दिया गया था. वह सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत पहल की अगुवाई कर रहे थे.
अय्यर ने 2009 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृति ली थी. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में वरिष्ठ ग्रामीण जल स्वच्छता विशेषज्ञ के रूप में भी काम किया था.



कौन है परमेश्वरन अय्यर
अय्यर 1981 बैच के यूपी कार्डर के आईएएस रहे हैं और उन्होंने आज से तकरीबन 8 साल पहले साल 2009 में वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया था. वॉलंटरी रिटायरमेंट के बाद वह वर्ल्डबैंक के साथ जुड़ गए. इससे पहले अपनी सर्विस के दौरान ही अय्यर वर्ल्डबैंक में वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम में काम कर चुके थे और साल 2006 में आईएएस अफसर रहते उन्होंने ग्रामीण जल स्वच्छता को लेकर भी खूब काम किया.

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इसके बाद सरकार ने 2016 में परमेश्वरन अय्यर को स्वच्छ जल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव की कमान दी गई. 3 फरवरी 2016 को मोदी सरकार ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान स्वच्छता विशेषज्ञ बनाया गया. सरकार ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान में संयुक्त सचिव बनाया. हालांकि अय्यर को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर दो साल के लिए पद दिया गया था लेकिन ऐसा पहली हुआ जब सरकार ने किसी रिटायर आईएएस अफसर को सरकार के सबसे बड़े मिशन की जिम्मेदारी सौंपी.
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