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ये तरीका अपनाकर बच्चों को खतरनाक ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचा सकते हैं पैरेंट्स, एक्सपर्ट्स ने बताया उपाय

ये तरीका अपनाकर बच्चों को खतरनाक ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचा सकते हैं पैरेंट्स, एक्सपर्ट्स ने बताया उपाय

डॉक्टरों ने बच्चों को ओमिक्रॉन से बचाने के उपाय बताए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

डॉक्टरों ने बच्चों को ओमिक्रॉन से बचाने के उपाय बताए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Omicron Variant updates: डॉक्टरों ने पैरेंट्स को सलाह दी है कि अगर उन्हें अपने बच्चों को ओमिक्रॉन से बचाना है तो वैक्सीनेशन जरूर करवाएं. दरअसल दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट बच्चों को अपना शिकार बना रहा है. यही वजह है कि दुनियाभर के देशों में इस वैरिएंट के प्रभाव को लेकर चिंता है.

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    नई दिल्ली. कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के बच्चों (Children) में प्रभाव को लेकर कई तरह की आशंकाएं जाहिर की जा रही हैं. अब डॉक्टरों ने पैरेंट्स को सलाह दी है कि अगर उन्हें अपने बच्चों को ओमिक्रॉन से बचाना है तो वैक्सीनेशन जरूर (Must Vaccination) करवाएं. दरअसल दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट बच्चों को अपना शिकार बना रहा है. यही वजह है कि दुनियाभर के देशों में इस वैरिएंट के प्रभाव को लेकर चिंता है.

    दिल्ली के रेनबो हॉस्पिटल के डॉ. नितिन वर्मा ने कहा है कि अगर ओमिक्रॉन वैरिएंट बढ़ता है तो बच्चों पर हाई रिस्क (High Risk) होगा. इसका मतलब ये नहीं कि उन्हें गंभीर संक्रमण होगा लेकिन उनमें कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा होगा. डॉक्टर वर्मा का कहना है कि देश में जब भी बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो तो बड़ी संख्या में बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाना चाहिए.

    ‘बच्चों के आस-पास सभी वयस्कों का फुल वैक्सीनेशन जरूरी’
    उन्होंने कहा- इसलिए अभी बच्चों के आस-पास सभी वयस्कों का फुल वैक्सीनेशन (Full Vaccination) जरूरी है. साथ ही वयस्क लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियमों का भी पालन करते रहना चाहिए जिससे बच्चों को महामारी के खतरों से दूर रखा जा सके.

    ये भी पढ़ें: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत 5 राज्यों में कोविड-19 वैक्सीन के 10 करोड़ डोज नहीं हुए इस्तेमाल

    ‘दक्षिण अफ्रीका से चिंताजनक रिपोर्ट्स आ रही हैं’
    हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल (Sir Ganga Ram Hospital) के डॉ. धीरेन गुप्ता भी नितिन वर्मा की बात से सहमत हैं. वो कहते हैं- दक्षिण अफ्रीका से चिंताजनक रिपोर्ट्स आ रही हैं. पांच साल से कम उम्र बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराए जाने की संख्या बढ़ी है. केवल कोरोना वैक्सीनेशन और उपयुक्त व्यवहार ही महामारी को हमारे घरों में घुसने से रोक सकता है.

    भारत-बायोटेक से मांगा गया है अतिरिक्त डेटा
    बता दें कि यूरोप सहित दुनिया के कई देशों में बच्चों के वैक्सीनेशन की शुरुआत की जा चुकी है. भारत में स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की एक्सपर्ट कमेटी की हरी झंडी मिल चुकी है. हालांकि DCGI ने अभी भारत-बायोटेक से अतिरिक्त डेटा की मांग की है और अप्रूवल नहीं दिया है. एक्सपर्ट पैनल की संस्तुति की समीक्षा की जा रही है.

    Tags: COVID 19, Omicron

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