मोदी 2.0 में कामकाज के नए रिकॉर्ड बना रही संसद, अब तक हो चुका 116 फीसदी काम

अभी बजट सत्र में बचे हैं 10 दिन. आम बजट पर संसद में आधी रात हुई चर्चा.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 9:49 PM IST
मोदी 2.0 में कामकाज के नए रिकॉर्ड बना रही संसद, अब तक हो चुका 116 फीसदी काम
देखना होगा कि संसद में काम का यह माहौल बना रहता है या पिछली बार की तरह फिर हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा.
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Updated: July 17, 2019, 9:49 PM IST
अगर कहा जाए कि सांसद आधी-आधी रात तक काम कर सकते हैं तो कोई मानने को तैयार नहीं होगा. लेकिन, मोदी 2.0 में संसद कामकाज के नए रिकॉर्ड बना रही है. 11 जुलाई को सांसदों ने देर रात 11.58 बजे तक लोकसभा में बैठकर रेलवे की अनुदान मांगों पर चर्चा की. संसद के इतिहास में यह नया रिकॉर्ड बन गया. इस दौरान सांसदों ने रेलवे में निजीकरण को बढ़ावा, आधुनिकीकरण और राजस्व वृद्धि पर चर्चा की. विपक्ष ने आरोप लगाए तो सरकार ने काम की तारीफ कर बचाव किया.

संसद के ज्यादातर सत्र हंगामे और स्थगन की भेंट चढ़ने का रिकॉर्ड रहा है. बामुश्किल संसद में विधायी कामकाज हो पाता है. हालांकि, मोदी सरकार 2.0 में बजट सत्र के दौरान कई बार संसद में निर्धारित समय से ज्यादा कामकाज हो चुका है. बता दें कि इस बार बजट सत्र 17 जून से शुरू हुआ था. सत्र के पहले ही दिन लोकसभा की कार्यवाही शाम 6 बजे तक चली. इसके बाद 24 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के साथ ही रात 8 बजे तक चर्चा हुई.

अब तक पेश किए जा चुके हैं 18 विधेयक

आम बजट पर 8 जुलाई को दोपहर बाद चर्चा शुरू हुई, जो रात 8 बजे तक चली. इसके अगले दिन 9 जुलाई को रात 11 बजे तक आम बजट पर चर्चा हुई. संसद में काम के घंटे बढ़ने का यह सिलसिला तब शुरू हुआ है जब मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में विधायी एजेंडा आगे बढ़ाकर अपनी योजनाओं को परवान चढ़ाना चाहती है. मौजूदा सरकार ने संसद के पहले सत्र के दौरान लोकसभा में 18 विधेयक पेश किए हैं.

अब तक संसद में हुआ 116 फीसदी काम

17वीं लोकसभा के पहले बजट सत्र में अभी 10 दिन बाकी हैं. अब तक संसद में 116 फीसदी कामकाज हो चुका है, जो 16वीं लोकसभा के पहले बजट सत्र के 109 फीसदी कामकाज से ज्यादा है. अब यह देखना होगा कि संसद में यह माहौल बना रहता है या पिछली बार की तरह फिर हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा. आंकड़ों के मुताबिक, यूपीए-1 के पहले संसद सत्र में महज 64 फीसदी काम हुआ था. हालांकि, यूपीए-2 के पहले संसद सत्र में 104 फीसदी विधायी काम हुआ था.

पीएम ने उपस्थिति को लेकर दिखाई सख्ती
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बीजेपी सांसदों को संसद में मौजूद रहने के सख्त निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि आपको नहीं बोलना है तब भी चर्चा के दौरान संसद में मौजूद रहें. उन्होंने सत्र के दौरान संसद से गायब रहने वाले सांसदों की तगड़ी क्लास भी लगाई थी. हालांकि, इस बार जिस तेजी के साथ विधेयक पारित हो रहे हैं, उसकी आलोचना भी हो रही है. विपक्ष के नेताओं का कहना है कि विधेयकों की ज्यादा समीक्षा की दरकार है. उनका कहना है कि पिछली सरकारों में 65 से 70 फीसदी विधेयक स्थायी समितियों को भेजे जाते थे, जो पिछले कुछ वर्षों में घटकर 26 फीसदी रह गए हैं.

राज्यसभा में भी जमकर हो रहा कामकाज

लोकसभा के साथ ही राज्यसभा में भी जमकर काम हो रहा है. 1 जुलाई को राज्यसभा में रात 8 बजे तक कामकाज हुआ. गृह मंत्री अमित शाह ने इस दिन जम्मू एंड कश्मीर रिजर्वेशन (एमेंडमेंट) बिल 2019 पर जवाब दिया था. इसके बाद 11 जुलाई को राज्यसभा सदस्यों ने आम बजट पर रात 10 बजे तक चर्चा की. राज्यसभा सदस्य डी. राजा ने कहा कि एकबार सभी दल काम करने को सहमत हो जाएं तो संसद में गंभीरता से काम होता है. इस समय सदस्यों के पास खाना खाने की भी फुरसत नहीं है.

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First published: July 17, 2019, 9:49 PM IST
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