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कोविड-19 पर मंडाविया का भाषण सराहनीय, सबको सुनना चाहिए: प्रधानमंत्री

पीएम नरेंद्र मोदी ने की स्वास्थ्य मंत्री की तारीफ (File pic)

पीएम नरेंद्र मोदी ने की स्वास्थ्य मंत्री की तारीफ (File pic)

Monsoon Session of Parliament: मंडाविया ने महामारी से निपटने के लिए मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा बचाव किया और कहा कि देश में टीकों का उत्पादन बढ़ रहा है और सभी वयस्कों को जल्द से जल्द टीका लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

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    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को संसद में कोविड-19 मुद्दे (Covid-19) पर स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के भाषण की सराहना की और सभी से इसे सुनने का आग्रह किया. मंडाविया ने महामारी से निपटने के लिए मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा बचाव किया और कहा कि देश में टीकों का उत्पादन बढ़ रहा है और सभी वयस्कों को जल्द से जल्द टीका लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

    मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘श्री मनसुख मंडाविया के इस व्यापक भाषण में कोविड-19 से संबंधित कई पहलुओं को व्यावहारिक और संवेदनशील तरीके से शामिल किया गया है. मैं आप सभी से उनकी टिप्पणियों को सुनने का अनुरोध करता हूं.’’

    कोविड-19 की महामारी की संभावित तीसरी लहर से मुकाबले के लिए सरकार की पर्याप्त तैयारियां होने का भरोसा दिलाते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि कई भारतीय कंपनियां अपने कोविड-19 रोधी टीकों का उत्पादन बढ़ा रही हैं तथा देश की दो कंपनियां बच्चों के वास्ते टीके बनाने के लिए परीक्षण के विभिन्न चरण में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बात का पूरा प्रयास कर रही है कि देश के सभी व्यस्क लोगों का यथाशीघ्र टीकाकरण पूरा कर लिया जाए.

    वैक्सीन के नियमों में दी गई ढील
    उच्च सदन में मंडाविया ने कहा ‘‘जब सामूहिक प्रयासों से काम करने की बात आती है तो सरकार ने कभी यह नहीं कहा कि इस राज्य ने यह नहीं किया. जिस राज्य का कोविड प्रबंधन अच्छा रहा, उसकी हमने दिल खोल कर सराहना की. जो राज्य टीके की कमी का दावा कर रहे हैं उनमें से कुछ के पास पर्याप्त टीके रखे हुए हैं. ’’

    उन्होंने कहा ‘‘जब दुनिया में यह महामारी फैल रही थी, उस वक्त जांच के लिए हमारे पास केवल एक प्रयोगशाला थी, हमारे पास पीपीई किट नहीं थे. तब महामारी से निपटने की तैयारी करने के लिए और वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लगाया गया था. तब दूसरे देशों से हमारे पास दवाओं के लिए मांग आई और हमारे यहां से 64 देशों को दवाएं भेजी गईं और हमने देश पर गौरव किया था.’’

    मंडाविया ने कहा कि दूसरे देशों की अन्य कंपनियों के टीके भारत में उपलब्ध हो सकें, इसलिए नियमों में ढील भी दी गई है.

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