संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की बैठक, इन मुद्दों पर सरकार से मांग सकती है जवाब

संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की बैठक, इन मुद्दों पर सरकार से मांग सकती है जवाब
संसद का मानसून सत्र की शुरुआत 14 सितम्बर को होगी और इसका समापन एक अक्टूबर को प्रस्तावित है.

Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर एक अक्टूबर तक चलेगा. कोरोना महामारी के दौरान हो रहे इस सत्र में कांग्रेस, केंद्र सरकार से कई अहम मुद्दों पर जवाब मांग सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 5:58 PM IST
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नई दिल्ली. 14 सितंबर से शुरू होने वाले संसद (Parliament) मानसून सत्र (Monsoon Session) को लेकर आज कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रैटिजी कमेटी (Congress Parliamentry Strategy Committee) की बैठक बुलाई गई है. सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बुलाई गई इस बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad), अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chaudhury), राहुल गांधी (Rahul Gandhi), आनंद शर्मा (Anand Sharma), मनीष तिवारी (Manish Tiwari), गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) सहित कई वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद थे.

सूत्रों के मुताबिक संसद के इस मानसून सत्र में कांग्रेस पार्टी कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगी. इसके साथ ही आज की बैठक में ये भी फैसला हुआ कि पार्टी राज्यसभा (Rajyasabha) में उपसभापति पद के लिए विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाकर उम्मीदवार उतारेगी लेकिन अगर ये संभव नहीं भी हो पाया तो भी पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी. इसके पीछे कांग्रेस का तर्क ये है कि परंपरागत रूप से राज्यसभा के उपसभापति का पद विपक्षी पार्टी का होता है.

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सदन में कांग्रेस द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे-
*कांग्रेस पार्टी मानसून सत्र के दौरान देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले को उठाएगी. पार्टी का आरोप है कि देश मे लगातार संक्रमण फैलता जा रहा है और सरकार ने लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है. आज दुनिया में भारत कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले में दूसरे नंबर पर आ गया है, लेकिन सरकार ताली और थाली से आगे नहीं बढ़ पाई है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन (Lockdown) के गलत प्रयोग और लिस्टिंग को लेकर कई बार सवाल उठाया है.

* मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस मोदी सरकार के आर्थिक नीति और बदहाल अर्थव्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाएगी. पार्टी हाल ही में आये जीडीपी में 24 फीसदी के नेगेटिव ग्रोथ को मोदी सरकार के आर्थिक नीतियों का आइना बनाकर पेश करेगी. इसके साथ मंहगाई, बेरोजगारी, प्रवासी मजदूरों की पीड़ा पर सरकार से जवाब तलब किया जाएगा. ILO के हाल ही में जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस बेरोजगारी के मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में बड़ा मुद्दा बनाएगी. पार्टी का आरोप है कि मोदी सरकार हर साल 2 करोड़ लोगों को नौकरी देने के वायदे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन 2 करोड़ रोजगार तो दूर, पिछले कुछ महीनों में करोड़ों लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है.

* मानसून सत्र में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को कांग्रेस पुरजोर तरीके से उठाने जा रही है. राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री पर चीनी घुसपैठ को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाते रहे हैं. पार्टी संसद सत्र के दौरान सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए सरकार से वास्तविक स्थिति देश के सामने रखने का मांग करेगी. हाल ही में विदेश सचिव और सेना अध्यक्ष के बयान से साफ है कि 1962 के बाद भारत और चीन के बीच सीमा पर इतनी तनाव पूर्ण स्थिति कभी नहीं रही है.
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