चीन से तनाव पर आज राज्यसभा को संबोधित करेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

चीन से तनाव पर आज राज्यसभा को संबोधित करेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को राज्यसभा को संबोधित करेंगे. (File Photo)

Parliament Monsoon Session Day 3: संसद के मॉनसून सत्र में गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में चीन (China) के साथ गतिरोध पर गुरुवार को राज्यसभा (Rajyasabha) में बयान देंगे

  • भाषा
  • Last Updated: September 17, 2020, 12:17 AM IST
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नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में चीन (China) के साथ गतिरोध पर गुरुवार को राज्यसभा (Rajyasabha) में बयान देंगे. सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री के बयान के बाद विपक्ष के नेता अपनी बात रखेंगे और सिंह आवश्यकता पड़ने पर सभापति की अनुमति से स्पष्टीकरण दे सकते हैं. इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, "रक्षा मंत्री वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) गतिरोध पर दोपहर 12 बजे बयान देंगे. उसके बाद विपक्ष के नेता मुद्दे पर बोलेंगे."

सूत्र ने बताया कि जरूरत हुई तो उसके बाद मंत्री स्पष्टीकरण दे सकते हैं. सिंह लोकसभा में मंगलवार को मुद्दे पर पहले ही बयान दे चुके हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि वहां हम चुनौती का सामना कर रहे हैं लेकिन हमारे सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए डटकर खड़े हैं. लोकसभा में पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर दिये गये एक बयान में रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि यह सदन और सारा देश सशस्त्र बलों के साथ है जो देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए डटकर खडे़ हैं.

राजनाथ सिंह ने कहा था हम शांति से चाहते हैं हल
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत, चीन के साथ सीमा पर गतिरोध को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने को प्रतिबद्ध है. भारत ने चीन को अवगत कराया है कि भारत-चीन सीमा को जबरन बदलने का प्रयास अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात पर बल देना चाहूंगा कि भारत शातिपूर्ण बातचीत और परामर्श से सीमा मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से मैंने चार सितंबर को चीनी रक्षा मंत्री से बातचीत की.’’
सिंह ने कहा, ‘‘मैंने स्पष्ट किया कि हम इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहते हैं और चीनी पक्ष मिलकर काम करे.’’ सिंह ने अप्रैल के बाद से पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध के हालात और सीमा पर शांति के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर किये गये प्रयासों का भी उल्लेख किया.



सरकार ने राज्यसभा में कहा- नहीं हुई घुसपैठ
वहीं सरकार ने बुधवार को कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई जबकि इस अवधि में भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ के प्रयास के 47 मामले सामने आए हैं. राज्यसभा में आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले तीन वर्षो में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के 594 प्रयास किये जाने के मामले सामने आए जिसमें 312 घुसपैठ हुई.



केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है. ’’ एक अन्य सवाल के जवाब गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले तीन वर्षो के दौरान सुरक्षा बलों ने 582 आतंकवादियों को मार गिराया और इस अवधि में 46 आतंकी पकड़े गए. उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से इस वर्ष 8 सितंबर तक जम्मू कश्मीर में 76 सैन्यकर्मी शहीद हुए .
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