Farm Bills 2020: राज्यसभा में हंगामा करने पर डेरेक ओ ब्रायन और संजय सिंह सहित 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन पर राज्यसभा में सभापति के आसन के पास जाकर रूल बुक फाड़ने का आरोप है. (फाइल फोटो)
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन पर राज्यसभा में सभापति के आसन के पास जाकर रूल बुक फाड़ने का आरोप है. (फाइल फोटो)

Parliament Monsoon Session: राज्यसभा में रविवार को किसान बिल (Farms Bill 2020) पर चर्चा के दौरान हंगामा करने पर निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव साटव और डोला सेन शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:05 AM IST
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नई दिल्ली. किसान बिल (Farms Bill 2020) को लेकर राज्यसभा (Rajya Sabha) में हंगामा करने पर आठ विपक्षी सांसद निलंबित कर दिए गए हैं. निलंबित होने वाले सांसदों में टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन (Derek O Brien) भी शामिल हैं. इन सदस्यों को पहले एक हफ्ते के लिए निलंबित किया गया था, लेकिन निलंबित होने के बाद भी ये सदन में बैठे रहे और हंगामा कर रहे थे. लिहाजा सभापति ने बाद में इन सभी सासंदों को पूरे मॉनसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया है. निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव साटव, डोला सेन हैं. बीजेपी सांसद ने इनकी शिकायत की थी. जिसके बाद सभापति वैंकेया नायडू ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इन सांसदों के खिलाफ एक्शन लिया.

रविवार को सदन में हुई घटना पर सभापति  वैंकेया नायडू ने कहा कि ये राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था. कुछ सांसदों ने पेपर फेंका, माइक को तोड़ दिया. रूल बुक को फेंका गया. इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं. नायडू ने कहा कि उपसभापति को धमकी दी गई. उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. संसद की कार्यवाही से जुड़ी हर अपडेट के लिए पेज पर बने रहें.


सभापति नायडू ने आगे कहा- 'सांसद का ये व्यवहार बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण और निंदनीय है. मैं सांसदों को सुझाव देता हूं, कृपया थोड़ा आत्‍मनिरीक्षण कीजिए.'



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राज्यसभा में क्या हंगामा हुआ था
दरअसल राज्यसभा में रविवार को दो महत्वपूर्ण किसान बिलों को सरकार ने भारी हंगामे के बीच पास करवा लिया. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने बेल में आ कर हंगामा किया. कुछ सांसदों ने डिप्टी स्पीकर की चेयर के सामने पहुंच कर बिल की प्रतियाँ फाड़ दीं और डिप्टी स्पीकर के माइक को भी पकड़ का उसे उखाड़ने की कोशिश की. इन सबकी वीडियो रिकॉर्डिंग संसदीय कार्य मंत्रालय के पास है. आज राज्यसभा में तीसरा किसान बिल रखा जाएगा.

कौन से बिल पर हुआ हंगामा?
विपक्षी दलों के हंगामे के बीच उच्च सदन ने रविवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता एवं कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी. लोकसभा में इन दोनों विधेयकों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है.

इन विधेयकों में क्या है?
कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का प्रावधान है, जहां किसानों और व्यापारियों को मंडी से बाहर फ़सल बेचने की आज़ादी होगी. वहीं, कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) क़ीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर क़रार विधेयक, 2020 में कृषि क़रारों पर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क का प्रावधान किया गया है. ये बिल कृषि उत्‍पादों की बिक्री, फ़ार्म सेवाओं,कृषि बिज़नेस फ़र्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं और निर्यातकों के साथ किसानों को जुड़ने के लिए सशक्‍त करता है.

राज्यसभा में आज ये 3 बिल लाए जाएंगे
राज्यसभा में आज आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कानून संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2020 और बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 पेश किए जाएंगे.

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राज्यसभा के उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
विपक्ष की तरफ से उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है. विपक्ष के 12 दलों ने रविवार को राज्यसभा के उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया. विपक्ष के सांसदों का आरोप है कि उपसभापति ने सदन का कामकाज रोकने के विपक्ष के अनुरोध की अनदेखी की और सदन में दो कृषि विधेयकों को पारित कर दिया गया.

उपसभापति के खिलाफ नोटिस देने वाली पार्टियों में कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, एनसीपी, आरजेडी, डीएमके, आम आदमी पार्टी शामिल हैं. हालांकि, सभापति नायडू ने इस अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया.
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