तीन तलाक से लेकर जल संकट तक, जानिए PM मोदी के भाषण की खास बातें

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के कई मौके गंवा दिए. आज हम तीन तलाक बिल लेकर आए हैं और 35 साल बाद कांग्रेस के पास मौका आया है.

News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 7:44 PM IST
तीन तलाक से लेकर जल संकट तक, जानिए PM मोदी के भाषण की खास बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष का जवाब दिया. (फाइल फोटो)
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Updated: June 25, 2019, 7:44 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर विपक्ष का जवाब दिया. इस दौरान उन्‍होंने बीजेपी सरकार की उपलब्धि गिनाई और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उसके बाद स्‍पीकर ने सभी संशोधित प्रस्‍ताव पर वोटिंग कराई, जिसे ध्‍वनिमत से खारिज कर दिया गया.

स्‍पीकर ने जब सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को रखा तो वे ध्‍वनिमत से मंजूर हो गया. सदन की कार्रवाई बुधवार सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी गई. हम बताते हैं कि पीएम मोदी के भाषण में क्‍या रहा खास?

कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के कई मौके गंवा दिए

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के कई मौके गंवा दिए. आज हम तीन तलाक बिल लेकर आए हैं और 35 साल बाद कांग्रेस के पास मौका आया है. इसे राजनीति से देखने की जरूरत नहीं है. मुस्लिमों के उत्थान की जिम्मेदारी कांग्रेस की नहीं है, यह कांग्रेस के मंत्री ने कहा था. मैं आपको यू-ट्यूब का लिंक भेज दूंगा. किसी न किसी कारण बातें अधिकारों पर ही केंद्रित रहीं, लेकिन अब अधिकार से कर्तव्य की ओर जाने की जरूरत है.

PM मोदी बोले- जल संकट पर मिलकर करें काम

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के भाषणों में बाबा साहब के नाम का जिक्र तक नहीं होता. लेकिन एक ऊंचाई पर जाने के बाद ये नहीं दिखता है. पानी और बांधों के लिए बाबा साहब का काम सर्वोपरि है. सरदार सरोबर बांध की नींव पंडित नेहरू ने रखी थी लेकिन दशकों तक उसे मंजूरी नहीं मिली. उस समय जो 6 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया गया और उसे पूरा होते-होते 60 हजार करोड़ तक पहुंच गया. इस प्रोजेक्‍ट को हमने पूरा किया था.

पीएम ने कहा, 'जब मैं मुख्‍यमंत्री था तब मुझे इन कामों के लिए अनशन पर बैठना पड़ा. जिसके कारण आज 4 करोड़ लोगों को पानी मिल रहा है. राजस्‍थान और गुजरात के लोग पानी की तकलीफ जानते हैं. इसी वजह से हमनें जल शक्ति मंत्रालय भी बनाया है. जल के संरक्षण पर हमें बल देना चाहिए. अभी भी जल संकट बढ़ता जा रहा है. जल संकट, महिलाओं और बच्‍चों को सबसे ज्‍यादा परेशान करता है.
हमारी ऊंचाई को कोई कम नहीं कर सकता

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी ऊंचाई को कोई कम नहीं कर सकता. ऐसी गलती हम नहीं करते, हम किसी की लकीर को छोटी करने में अपना समय बर्बाद नहीं करते, हम अपनी लकीर लंबी करने में जीवन खपा देते हैं.

पीएम ने कहा, 'आप इतनी ऊंचाई पर चले गए हैं कि आप जड़ों से उखड़ चुके हैं. आपका और ऊंचा होना मेरे लिए संतोष का विषय हैं क्योंकि आप जमीन खो चुके हैं. हमारा सपना ऊंचा होना का नहीं जड़ों की गहराई से जुड़ने का है ताकि देश को और मजबूती दी जा सके. आपको अपनी ऊंचाई मुबारक हो.

हम किसी के योगदान को नहीं नकारते

2004 के बाद वाजपेयी सरकार के एक भी काम का नई सरकार ने जिक्र तक नहीं किया. अभी के भाषण में मनमोहन सिंह सरकार का जिक्र तक नहीं किया. लालकिले से मैं पहला पीएम हूं जिसने कहा कि आजादी से लेकर अब केंद्र और राज्य की जितनी सरकारें थी देश को आगे ले जाने में सबका योगदान है.

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी अपेक्षा है कि वही नाम आए, यह अलग बात है लेकिन मैंने हमेशा पिछली सरकारों को श्रेय दिया है. गुजरात के गोल्डन जुबली ईयर में राज्यपाल महोदय के भाषणों का संकलन का काम किया था, वह सरकारें हमारे दल की नहीं थीं, फिर भी हमने ऐसा काम किया. राज्यपाल के भाषणों का संकलन आज भी उपलब्ध है, पहले के कामों को हम गिनते नहीं यह कहना पूरी तरह गलत है.

जिसका कोई नहीं सरकार उसके लिए

जनता के लिए जूझना, खपना 5 साल की तपस्या के फल के रूप में मिला है. कौन हारा, कौन जीता यह मेरी सोच का हिस्सा नहीं है. देशवासियों के सपने और उनकी आशा मेरी नजर में रहती है. 2014 में जब जनता ने मौका दिया और सेंट्रल हॉल में वक्तव्य देने का मौका मिला तो मैंने कहा था कि मेरी सरकार गरीबों को समर्पित है. 5 साल बाद संतोष के साथ कह सकता हूं जो संतोष जनता ने ईवीएम का बटन दबाकर व्यक्त किया है.

प्रताप सारंगी जी और हिना गावित ने जिस तरह से विषय को प्रस्तुत किया उसके बाद मैं कुछ भी न बोलूं फिर भी बात पहुंच जाती है. देश के जितने भी महापुरुष हुए उन्होंने एक बात हमेशा कही, उन्होंने आखिरी छोर पर बैठे इंसान की भलाई की बात कही. पिछले पांच साल के कार्यकाल में हमारे मन में यही भाव रहा जिसके कोई नहीं उसके लिए सिर्फ सरकार होती है.

3 सप्ताह में लिए जनहित के फैसले

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के पहले मरने का मिजाज था और आजादी के बाद देश के लिए जीने का संकल्प है. हमें राष्ट्रपति की अपेक्षा को पूरा करने के लिए आगे आना चाहिए. छोटा सोचना मुझे पसंद नहीं है, सवा सौ करोड़ देशवासियों के सपने अगर पूरे करने हैं तो मुझे छोटा सोचने का अधिकार भी नहीं है.

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पीएम ने कहा कि हमें आराम का रास्ता पसंद नहीं, हम देश के लिए जीने आए हैं. 3 सप्ताह में सरकार ने कई अहम फैसले लिए ताकि देश को आगे लाया जा सके. किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़ाया, सेना के जवानों के बच्चों और पुलिस के बच्चों के लिए भी अहम फैसले लिए. मानव अधिकारों से जुड़े अहम बिल संसद में लेकर आए हैं. सबको साथ लेकर चलने के लिए जितने काम हो सकते हैं हमें तुरंत आते ही वो काम किए हैं.

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