• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • मानसून सत्र में अब तक सिर्फ 18 घंटे चली संसद, मुख्तार अब्बास नकवी बोले- खर्चा रुपैया चर्चा चवन्नी की भी नहीं

मानसून सत्र में अब तक सिर्फ 18 घंटे चली संसद, मुख्तार अब्बास नकवी बोले- खर्चा रुपैया चर्चा चवन्नी की भी नहीं

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो)

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो)

Monsoon Session News: संसद के 9 दिन की कार्यवाही में 54 घंटे कामकाज होना चाहिए, लेकिन हंगामे के कारण महज 7 घंटे ही काम हो सका है. जबकि राज्यसभा में अब तक केवल 11 घंटे का ही कामकाज हो पाया है.

  • Share this:

नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान हो रहे हंगामे पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा है कि विपक्ष के रवैए के कारण खर्चा रुपैया और चवन्नी की भी चर्चा नहीं हो पा रही है. नकवी ने कहा कि वो चाहते हैं कि सदन चले और विभिन्न मसलों पर स्वस्थ चर्चा हो. भाजपा नेता ने विपक्षी पार्टियों पर एक और फैब्रिकेटेड किस्सा गढ़ने का आरोप लगाया. नकवी का कहना है कि इन मनगढ़ंत किस्सों के कारण विपक्षी पार्टियां सदन में हंगामा कर रही हैं और सदन को नहीं चलने दे रही हैं. उन्होंने कहा कि इसके कारण अगर सदन को नहीं चलने दिया जाता है तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ भी नहीं हो सकता है.

इसके साथ ही साथ कुछ बिलों के बिना चर्चा के पास होने पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए नकवी ने कहा कि अगर विपक्ष वेल में रहेगा तो बिल पर चर्चा कैसी होगी. नकवी का कहना है कि वह चाहते हैं कि किसी भी बिल के पास होने के पहले उस पर अधिक से अधिक चर्चा हो लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण यह चर्चा नहीं हो पा रही है.

पेगासस मामले पर बोले नकवी
पेगासस मामले पर नकवी ने कहा कि विपक्ष बिना मुद्दे के हंगामा कर रहा है. नकवी ने कहा कि पेगासस मामले पर सरकार ने बिना समय गंवाते हुए अपना स्टेटमेंट लोकसभा में दिया. राज्यसभा में सरकार ने अपना स्टेटमेंट दिया और वहां पर व्यवस्था है कि अगर विपक्ष सरकार के इस स्टेटमेंट से संतुष्ट नहीं है तो विपक्ष इस पर सरकार से क्लियरफ़िकेशन मान सकता है, लेकिन विपक्ष ने ऐसा ना करके सदन में कागज को ही फाड़ दिया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दरअसल विपक्ष किसी भी मुद्दे पर सार्थक चर्चा नहीं चाहती बल्कि सिर्फ हंगामा करना चाहती है.

गौरतलब है कि संसद के 9 दिन की कार्यवाही में 54 घंटे कामकाज होना चाहिए, लेकिन हंगामे के कारण महज 7 घंटे ही काम हो सका है. जबकि राज्यसभा में अब तक केवल 11 घंटे का ही कामकाज हो पाया है. जबकि अगर सदन सुचारू तौर पर चलता तो राज्यसभा में 53 घंटे का कामकाज होता. दोनों सदनों की बात करें तो दोनों सदनों का कामकाज केवल 18 घंटे ही हो पाया है. विपक्ष के हंगामे की वजह से सरकारी खजाने को 133 करोड़ का नुकसान पहुंचा है. एक अनुमान के मुताबिक संसद में कामकाज पर एक घंटे का अनुमानित खर्च तकरीबन 1 करोड़ 20 लाख का आता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज