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संसद को अन्य संप्रभु देशों के आंतरिक मुद्दों और कानूनों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए: ओम बिरला

बिरला ने कहा कि सरकार और संसद द्वारा डिजिटल शासन तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी साधनों के उपयोग से लोकतांत्रिक प्रक्रिया सशक्त हुई है (File Photo)

बिरला ने कहा कि सरकार और संसद द्वारा डिजिटल शासन तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी साधनों के उपयोग से लोकतांत्रिक प्रक्रिया सशक्त हुई है (File Photo)

कोविड-19 की चुनौती के संबंध में अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक जिम्मेदार भागीदार के रूप में अग्रणी भूमिका निभाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 16, 2021, 4:40 PM IST
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नई दिल्ली. अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष ड्यूएर्ट पाशेको ने मंगलवार को संसद भवन (Parliament House) के केंद्रीय कक्ष में संसद सदस्यों को संबोधित किया. इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) समेत तमाम सांसद उपस्थित रहे. अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष के रूप में ड्यूएर्ट पाशेको की यह पहली भारत यात्रा है. ड्यूएर्ट पाशेको का स्वागत करते हुए ओम बिरला ने इस बात का उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सदैव विश्व शांति को प्राथमिकता दी है तथा विस्तारवाद और आतंकवाद का विरोध किया है. भारत ने कई देशों में आपदा के बाद पुनर्निमाण और पुनर्वास के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है.

शासन में सुधार लाने और पारदर्शिता संबंधी उपायों के बारे में विचार व्यक्त करते हुए ओम बिरला ने कहा कि सरकार और संसद द्वारा डिजिटल शासन तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी साधनों के उपयोग से लोकतांत्रिक प्रक्रिया सशक्त हुई है. लोकतांत्रिक देशों और अंतर-संसदीय संघ की भूमिका के बारे में बोलते हुए ओम बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी संसद को अन्य संसदों में पारित कानूनों तथा अन्य संप्रभु देशों के आंतरिक मुद्दों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए. राष्ट्रीय संसदों को अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए.

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भारत ने 150 देशों को भेजी कोविड की उपचार सामग्री
कोविड-19 की चुनौती के संबंध में अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक जिम्मेदार भागीदार के रूप में अग्रणी भूमिका निभाई है. भारत ने 150 से भी अधिक देशों को कोविड के उपचार संबंधी सामग्री उपलब्ध कराई है तथा कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए कई देशों में त्वरित कार्रवाई करने वाले दलों की तैनाती की है.

अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष ड्यूएर्ट पाशेको ने अंतर-संसदीय संघ के निर्वाचन में भारत के समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह अंतर-संसदीय संघ में भारत के एक विशेष मित्र की भांति भारत और इसकी संसद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए तत्पर हैं. भारत और पुर्तगाल के बहुत गहरे संबंध रहे हैं और हम केवल मित्र ही नहीं बल्कि भाई हैं.

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पाशेको ने महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों तथा कोविड-19 महामारी और इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के बारे में भी अपने विचार व्यक्त किये. पाशेको ने यह भी कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत का बहुत सम्मान किया जाता है और यह अन्य देशों के लिए एक उदाहरण है. लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता सुस्पष्ट है. ड्यूएर्ट पाशेको ने कहा कि भारत पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है क्योंकि यह केवल अपने कल्याण के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के लिए कार्य कर रहा है.

अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में बहुत अधिक आर्थिक और सामाजिक विकास हुआ है. संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए पुर्तगाल के समर्थन की बात करते हुए पाशेको ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए पुर्तगाल के समर्थन की बात भी दोहराई.
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