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संसद सत्र LIVE: PM मोदी ने राज्यसभा में दिया भाषण, लोकसभा में हंगामा

News18Hindi
Updated: November 18, 2019, 3:22 PM IST
संसद सत्र LIVE: PM मोदी ने राज्यसभा में दिया भाषण, लोकसभा में हंगामा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में मिले अपार जनादेश के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा (BJP) नीत एनडीए सरकार (NDA Government) का यह इस कार्यकाल में दूसरा संसद सत्र है. शीतकालीन सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा.

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  • Last Updated: November 18, 2019, 3:22 PM IST
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नई दिल्ली. संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया. ये सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा. आज राज्यसभा का 250वां सत्र भी है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सदन को संबोधित किया. वहीं, 3 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद फिर से हंगामा हो रहा है.


पीएम मोदी ने कहा, 'सदन के दो पहलू खास है. एक स्थायित्व और दूसरा विविधता. लोग आते हैं और जाते हैं लेकिन, स्थायित्व बना रहता है. भारत की अनेकता में एकता का जो सूत्र है, उसकी सबसे बड़ी ताकत सदन में नजर आती है. उनका लाभ देश के राजनीतिक जीवन, नीतिनिर्धारण में मिलता है.'

पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि राज्यसभा सेकंड हाउस है, लेकिन इसे सेकेंडरी हाउस नहीं समझना चाहिए. हमें इसे आत्मसात करना चाहिए कि संसद का सेकंड हाउस कभी सेकेंडरी हाउस नहीं हो सकता.



लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने हंगामा किया. वहीं, महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति को लेकर शिवसेना के सदस्यों ने अलग अलग मुद्दों को लेकर सदन में नारेबाजी की.लोकसभा अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल की शुरुआत की उसी समय कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक और शिवसेना के सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो गए. कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को खत्म कर रही है. विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है.



कांग्रेस ने की फारूक अब्दुल्ला को सदन लाने की मांग
इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने फारूक अब्दुल्ला को सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की. उन्होंने कहा, 'फारूक अब्दुल्ला को यहां लाया जाए. यह उनका संवैधानिक अधिकार है. हम भी चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर जाएं. हमारे नेता राहुल गांधी को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया. विदेश के लोगों को ले जाया गया वहां दिखाने के लिए कि स्थिति सामान्य है. जम्मू-कश्मीर को खोला जाए.'

पीएम मोदी ने कहा- हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है सरकार
संसद सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने  मीडिया से कहा, 'ये 2019 का आखिरी सत्र है और बहुत महत्वपूर्ण है. इस सदन के माध्यम से देशवासियों के लिए भी एक जागृति का अवसर बन सकता है.' पीएम मोदी ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है. मुझे उम्मीद है कि इस सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सभी दलों का सहयोग मिलेगा.'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'संविधान देश की एकता, अखंडता और विविधता को समेटे हुए है. बीते दिनों सभी दल के नेताओं से मिलने का मौका मिला है, जैसे पिछली बार सभी दलों के सहयोग के कारण चला था, ऐसा ही इस बार भी होने की उम्मीद है.' पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि हम सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा चाहते हैं, वाद हो-विवाद हो और इसके साथ ही सदन की चर्चा को समृद्ध बनाने को योगदान दें.

इस सत्र में विपक्षी दल आर्थिक सुस्ती और कश्मीर में स्थिति को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में हैं. वहीं, मोदी सरकार (Modi Government) विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक को पारित कराना चाहेगी, जो बीजेपी के वैचारिक एजेंडे का अहम हिस्सा है. संसद का शीतकालीन सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा.




इन मुद्दों पर हंगामे के आसार
18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाले संसद सत्र में कई मुद्दों पर हंगामा होने के आसार हैं. इनमें सबसे अहम नागरिकता संशोधन विधेयक और आर्थिक सुस्ती है. इसके अलावा विपक्ष के दल किसानों की समस्या, जेएनयू में फीस को लेकर विरोध प्रदर्शन, उन्नाव और लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला की हिरासत का मामला भी उठा सकते हैं. वहीं, कांग्रेस की मांग है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को सत्र में हिस्सा लेने की इजाजत मिलनी चाहिए. ऐसे में ये मामला भी सदन में उठाया जा सकता है.

नागरिकता संशोधन विधेयक हो सकता है पेश
सरकार ने नागरिकता (संशोधन विधेयक) को इस सत्र में पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देशों से आए गैर मुस्लिम प्रवासियों को राष्ट्रीयता प्रदान करना है.

इस विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर प्रताड़ित किये जाने के कारण संबंधित देश से पलायन करने वाले हिंदू, जैन, ईसाई, सिख, बौद्ध एवं पारसी समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है. असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में इस विधेयक का विरोध हो रहा है, जहां अधिकतर हिंदू प्रवासी रह रहे हैं.


पीएम मोदी ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है.


रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक
संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को सर्वदलीय बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. पीएम ने शीतकालीन सत्र को पिछले सत्र की तरह ही कारगर बनाने के लिए सभी दलों से अपील की. बता दें कि पिछले सत्र में संसद से कई अन्य अहम विधेयकों के अलावा जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) राज्य के बंटवारे और अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने पर सहमति मिली थी.

ये अध्यादेश भी हो सकते हैं पेश
सरकार की दो अहम अध्यादेशों पर भी स्वीकृति पाने की योजना है. आयकर अधिनियम, 1961 और वित्त अधिनियम, 2019 में संशोधन को प्रभावी बनाने के लिए सितंबर में एक अध्यादेश जारी किया गया था जिसका उद्देश्य नई एवं घरेलू विनिर्माण कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर में कमी लाकर आर्थिक सुस्ती को रोकना और विकास को बढ़ावा देना है.

दूसरा अध्यादेश भी सितंबर में जारी किया गया था जिसमें ई-सिगरेट और इसी तरह के उत्पाद की बिक्री, निर्माण एवं भंडारण पर प्रतिबंध लगाया गया है.

लोकसभा चुनाव में मिले अपार जनादेश के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा नीत एनडीए सरकार का यह इस कार्यकाल में दूसरा संसद सत्र है.

इससे पहले तीन तलाक बिल पास हुआ था.


संसद में अटके हैं 43 विधेयक
संसद में अभी 43 विधेयक लंबित हैं. इस सत्र में इनमें से 27 विधेयक पेश करने, विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं, जबकि सात विधेयक वापस लिए जाने हैं. केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण चिटफंड अधिनियम 1982 में संशोधन के लिए विधेयक लाएंगी, जिस पर विचार करने के बाद उसे पारित करवाने की कोशिश की जाएगी.

 

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First published: November 18, 2019, 10:15 AM IST
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