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Parliament Winter Session: कल तक के लिए स्थगित हुई लोकसभा की कार्यवाही, 12 MPs के निलंबन पर विवाद जारी

Lok Sabha Adjourned: संसद में गतिरोध को समाप्त करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सभी पार्टियों के साथ बैठक भी की है. वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 12 सांसदों के निलंबन पर कहा है कि सदन की गरिमा का खयाल रखना बेहद जरूरी है. शीतकालीन सत्र के पहले दिन भी लोकसभा में विपक्षी दलों ने किसानों के मुद्दे पर शोर-शराबा किया था. सदन में हंगामे के बीच ही तीन विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी कृषि विधि निरसन विधेयक 2021 को बिना चर्चा के मंजूरी प्रदान कर दी गई थी.

  • News18Hindi
  • | November 30, 2021, 20:03 IST
    LAST UPDATED 2 MONTHS AGO
    20:01 (IST)
    संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

    14:15 (IST)

    लोकसभा में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन के फ्लोर लीडर्स की मीटिंग बुलाई. 


    14:09 (IST)
    लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित, बता दें कि मंगलवार की सुबह भी सदन की कार्यवाही शुरू होती ही दोपहर 2 बजे के लिए स्थगित हो गई थी. 

    14:05 (IST)

    '23 दिसंबर तक धरना देंगे टीएमसी के 2 निलंबित सांसद'

    टीएमसी नेता और सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा- राज्यसभा से निलंबित टीएमसी के दो सांसद बुधवार से हर रोज संसद सत्र की समाप्ति तक (23 दिसंबर) सुबह 10 बजे से शाम के 6 बजे तक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना देंगे. डेरेक ओब्रायन ने विपक्ष के अन्य सांसदों को भी धरना प्रदर्शन में आमंत्रित किया. 

    13:56 (IST)

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारुख अब्दुल्ला ने दिल्ली में कहा- अगर कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करनी है, तो आर्टिकल 370 को फिर से लागू करना होगा. 

    13:52 (IST)

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- आज राज्यसभा में खड़गे जी ने जो किया उसकी निंदा करता हूं. कई चेतावनी दी गई अध्यक्ष जी द्वारा कि सदन में अनुशासन बनाए रखें लेकिन सब जानते है विपक्ष की मंशा... सदन की कार्यवाही में बाधा डालना सदन चलने ना देना, यही इनकी मंशा है. उन्होंने कहा कि जो पिछले सत्र में हुआ, वो सदन के सम्मान के तिरस्कार की पराकाष्ठा थी. 

    13:49 (IST)

    12 निलंबित सांसद वेंकैया नायडू को लिखेंगे पत्र, एक्शन के खिलाफ उठाएंगे आवाज, साथ ही ये सभी 12 निलंबित सांसद बुधवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना भी देंगे.
     

    13:47 (IST)

    केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा- विपक्ष के 12 सांसदों के निलंबन के खिलाफ संसद की कार्यवाही के बहिष्कार पर, कौन सा लोकतंत्र इस तरह की हाथापाई, अराजकता, उद्दंडता और हंगामा की अनुमति देता है? आप एक तरफ लोकतंत्र के मंदिर को शर्मसार कर रहे हैं, फिर भी शर्मिंदगी महसूस नहीं कर रहे. घटना के 3 महीने हो गए हैं एक बार भी उन्होंने खेद नहीं जताया,यह हंगामा के हीरो बन रहे थे. पहले विपक्ष के सांसद बताएं कि इस हंगामे के लिए क्या वह शर्मसार हैं? क्योंकि कार्रवाई राज्यसभा के चेयरमैन ने की है. निलबंन पर पुनर्विचार का यह सवाल तब उठता है. हम चाहते हैं कि विपक्ष संसद की कार्यवाही में हिस्सा ले, सार्थक चर्चा करें.

    13:45 (IST)

    संसद का शीतकालीन सत्र | कल यानी बुधवार को विपक्ष राज्य सभा की कार्यवाही में हिस्सा लेगा और वही अपनी मांग उठाएगा, विपक्ष को लगता है कि बॉयकॉट कर देने से सदन तो चल ही रहा है और सरकार को आसानी हो रही है. बाकी फैसला उसी समय लिया जाएगा.

    13:07 (IST)

    NRC तैयार करने की दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया- लोकसभा को लिखित जवाब में MHA ने बताया

    एक लिखित जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि अभी तक सरकार की ओर से नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजंस (NRIC) को तैयार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है.  बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 को 12 दिसंबर 2019 को अधिसूचित किया गया था और यह 10 जनवरी 2020 को लागू हुआ था. कानून लागू होने के बाद सीएए के तहत आने वाले व्यक्ति को सिटीजनशिप के लिए अप्लाई करना होता है. 

    नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा की मंगलवार की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है. इससे पहले राज्यसभा में 12 विपक्षी सदस्यों को शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) की शेष अवधि के लिए निलंबित करने के मुद्दे पर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा (Loksabha) की कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदन से वॉकआउट भी किया.

    विपक्षी सदस्यों ने राज्यसभा के 12 सदस्यों को शीतकालीन सत्र (Winter Session) की शेष अवधि के लिए निलंबित किए जाने और केंद्र के तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को बिना चर्चा के पारित कराने का मुद्दा उठाने का प्रयास किया. संसद में गतिरोध को समाप्त करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सभी पार्टियों के साथ बैठक भी की है. वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 12 सांसदों के निलंबन पर कहा है कि सदन की गरिमा का खयाल रखना बेहद जरूरी है.

    विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा
    आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल में हुए उपचुनाव में दादरा नगर हवेली एवं दमन दीव से निर्वाचित सदस्य कलाबेन डेलकर से सदन की सदस्यता लेने का आग्रह किया. इसके बाद, अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, वैसे ही विपक्षी सदस्य अपनी बात रखते हुए शोर-शराबा करने लगे. प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल (Pushpendra Singh Chandel) ने देशी गौवंश से संबंधित प्रश्न पूछा और कहा कि विपक्ष किसानों से बात से नहीं करने दे रहा.

    वहीं, विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि यह प्रश्नकाल है, इसमें इतने महत्वपूर्ण सवाल हैं, ऐसे में ‘आप प्रश्न पूछिए’. उन्होंने कहा, ‘आप यहां चर्चा करने के लिये आए हैं. चर्चा करें तथा अच्छा वातावरण बनाये रखें.’ बिरला ने शोर-शराबा कर रहे कुछ सदस्यों से कहा, ‘आप सदन में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन से जुड़ा मुद्दा उठाते हैं और अब इस पर सवाल आ रहा है, ऐसे में सवाल पूछें.’

    इस बीच, विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा. व्यवस्था बनते नहीं देख अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद दोपहर बजे तक के लिये स्थगित कर दी. बाद में लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के साथ जो किया गया है, उसके विरोध में कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा से वाकआउट किया.

    क्या बोले अधीर रंजन चौधरी
    उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में जो हुआ है उसका विरोध करते हुए हमने सोनिया गांधी जी की अगुवाई में सदन से वॉकआउट किया. यह मामला राज्यसभा का है, लेकिन दूसरे सदन के सदस्यों के साथ जो हुआ है उसके विरोध में हमने यह कदम उठाया है.’ संसद के सोमवार को आरंभ हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को पिछले मॉनसून सत्र के दौरान ‘अशोभनीय आचरण’ करने के लिए, वर्तमान सत्र की शेष अवधि तक के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया.

    शीतकालीन सत्र के पहले दिन भी लोकसभा में विपक्षी दलों ने किसानों के मुद्दे पर शोर-शराबा किया था. सदन में हंगामे के बीच ही तीन विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी कृषि विधि निरसन विधेयक 2021 को बिना चर्चा के मंजूरी प्रदान कर दी गई थी.

    राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात
    दूसरी ओर कांग्रेस समेत 16 राजनीतिक दलों के नेताओं ने राज्यसभा के 12 विपक्षी सदस्यों को संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए जाने के मुद्दे को लेकर मंगलवार को उच्च सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और इन सदस्यों का निलंबन रद्द करने का आग्रह किया.

    इससे पहले, इन नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में बैठक की और निलंबन रद्द किए जाने पर जोर दिया. विपक्षी दलों के नेताओं ने सांसदों के निलंबन को असंवैधानिक करार दिया और जोर देकर कहा कि इनका निलंबन रद्द किया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि विपक्षी नेताओं की बैठक में तृणमूल कांग्रेस शामिल नहीं हुई, जबकि निलंबित सांसदों में उसके भी दो सांसद शामिल हैं. पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस की अगुवाई में हुई विपक्ष की किसी भी पहल से तृणमूल कांग्रेस दूरी बनाती नजर आई है.

    आज की बैठक में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, मुख्य सचेतक के. सुरेश, राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा और मुख्य सचेतक जयराम रमेश शामिल हुए. बैठक में द्रमुक के टीआर बालू, शिवसेना के विनायक राउत एवं प्रियंका चतुर्वेदी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी, माकपा, भाकपा और कई अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए.

    कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में भी इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की और सदन से वाकआउट किया. कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने 12 सांसदों के निलंबन के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया और सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया.

    संसद के सोमवार को आरंभ हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को पिछले मॉनसून सत्र के दौरान ‘अशोभनीय आचरण’ करने की वजह से, वर्तमान सत्र की शेष अवधि तक के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. उच्च सदन में उपसभापति हरिवंश की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कल इस सिलसिले में एक प्रस्ताव रखा, जिसे विपक्षी दलों के हंगामे के बीच सदन ने मंजूरी दे दी.

    जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं.

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