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संसद का शीतकालीन सत्र आज से, कृषि कानून और CAA पर हंगामे के आसार, MSP पर केंद्र को घेरने की तैयारी

संसद का शीतकालीन सत्र आज से, कृषि कानून और CAA पर हंगामे के आसार, MSP पर केंद्र को घेरने की तैयारी

कृषि कानून और एमएसपी पर संसद में हंगामे की उम्मीद है. (फाइल फोटो)

कृषि कानून और एमएसपी पर संसद में हंगामे की उम्मीद है. (फाइल फोटो)

Parliament Winter Session: सर्वदलीय बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों ने सरकार से किसानों के फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी को लेकर तत्काल कानून बनाने के संबंध में कदम उठाने, पेगासस जासूसी मुद्दे, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की. सरकार तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए एक विधेयक पेश करेगी जिस पर दोनों सदनों में जोरदार बहस होने की संभावना है.

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    नई दिल्ली. संसद का शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) सोमवार से शुरू हो रहा है. हालांकि, इस बार संसद के शीतकालीन सत्र को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार तीन विवादास्पद कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को वापस लेने के लिए एक विधेयक पेश करेगी जिस पर दोनों सदनों में जोरदार बहस होने की संभावना है. गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 29 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा.

    इसके साथ ही रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों ने सरकार से किसानों के फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी को लेकर तत्काल कानून बनाने के संबंध में कदम उठाने, पेगासस जासूसी मुद्दे, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की है.

    राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा
    बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे(Mallikarjun Kharge) ने कहा, “सर्वदलीय बैठक में 15-20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. सभी दलों ने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने पर सरकार तुरंत ध्यान दे.” खड़गे ने कहा, “हम सरकार को सहयोग करना चाहते हैं. अच्छे विधेयक आयेंगे, तब हम सरकार का सहयोग करेंगे. अगर हमारी बात नहीं मानी (चर्चा को लेकर) गई, तब सदन में व्यवधान की जिम्मेदारी सरकार की होगी.”

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    खड़गे ने कहा कि कुछ अन्य बड़े मुद्दे हैं, जिन्हें पार्टियों ने उठाया ,जिसमें चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव का मुद्दा भी शामिल है. उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को मुआवजा देने का विषय तथा महंगाई, पेट्रोल-डीजल एवं वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ तनाव का मुद्दा भी बैठक में उठा. उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिजली संशोधन विधेयक पर भी सरकार से ध्यान देने को कहा गया है.

    केंद्र ने विपक्ष की मांगों पर क्या कहा
    वहीं, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं को बताया, “सर्वदलीय बैठक में 31 दलों के 42 नेताओं ने हिस्सा लिया. इसमें विभिन्न विषयों पर रचनात्मक चर्चा हुई और विपक्ष की ओर से कुछ अच्छे सुझाव आए.” उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है. जोशी ने कहा, “हमने अपील की है कि सदन में बिना किसी व्यवधान के कामकाज हो. विपक्ष ने भी आश्वस्त किया है कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे.”

    राजग सहयोगी एनपीपी ने की सीएए को निरस्त करने की मांग
    संसद के शीतकालीन सत्र से पहले बुलाई गई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों की बैठक और सर्वदलीय बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की नेता अगाथा संगमा ने संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) को निरस्त करने की मांग की. मेघालय के तूरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद संगमा ने सरकार से अपील की कि जिस तरह उसने लोगों की संवेदना को ध्यान में रखकर कृषि कानून निरस्त किये हैं, उसी तरह सीएए भी निरस्त किया जाना चाहिए. संगमा ने कहा कि सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन उसने संसद में सभी दलों के नेताओं द्वारा उठाई गई मांगों का पूरा ब्योरा ले लिया है.

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    कई दलों ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक लाने की मांग की
    सर्वदलीय बैठक में कई दलों ने इस सत्र में महिला आरक्षण विधेयक (Women Reservation Bill) लाने की भी मांग की. सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस और द्रमुक ने सुझाव दिया कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान महिला आरक्षण संबंधी विधेयक चर्चा के लिये लाया जाए. इन दलों ने कहा कि यह सही वक्त है जब देश के नीति निर्माण के कार्यो में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए. उल्लेखनीय है 15वीं लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक तथा इससे संबंधित 108वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका जो 2010 से ही निचले सदन में लंबित था. उक्त विधेयक में लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में 15 वर्षो के लिये महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव किया गया था.

    संसद के शीतकालीन सत्र में पेश होंगे कई अहम विधेयक
    संसद के सोमवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार करीब 30 विधेयक पेश करने जा रही है जिनमें बिजली, पेंशन, वित्तीय सुधार से संबंधित कम से कम आधा दर्जन से अधिक विधेयक शामिल हैं. लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, आर्थिक एवं अन्य सुधार संबंधी विधेयकों में बिजली संशोधन विधेयक 2021, बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021, पेंशन सुधार संबंधी पीएफआरडीए संशोधन विधेयक, दिवाला एवं शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2021, मध्यस्थता विधेयक 2021, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कास्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरीज संशोधन विधेयक 2021 आदि शामिल हैं.

    ‘शीतकालीन सत्र में करीब 30 विधेयक पेश किए जाएंगे’
    संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “कुछ लंबित विधेयकों सहित संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान करीब 30 विधेयक पेश किए जाएंगे जिनमें आर्थिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि सरकार का विपक्ष से आग्रह है कि आर्थिक सुधार एवं कुछ प्रमुख विषयों पर नियमन से जुड़े इन अहम विधेयकों पर चर्चा करे और इन्हें पारित कराने में सहयोग करे. मेघवाल ने कहा, “सरकार विपक्ष के मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा कराने को तैयार है. हम विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा करते हैं.”

    कृषि कानूनों को निरस्त करने और क्रिप्टोकरंसी से संबंधित विधेयक बेहद अहम
    शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा थी और इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन तीनों कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी थी. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान निचले सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में क्रिप्टोकरंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 सूचीबद्ध है. इस विधेयक में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के सृजन के लिए एक सहायक ढांचा सृजित करने की बात कही गई है. इस प्रस्तावित विधेयक में भारत में सभी तरह की निजी क्रिप्टोकरंसी को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है.

    Tags: Lok sabha, Parliament Winter Session, Rajya sabha, Three Farm Laws

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