संसदीय समिति ने पूछा: क्या स्त्री-पुरूष देखकर बढ़ाये जाते है ओला, उबर के किराए?

उबर के पदाधिकारी ने बताया कि कंपनी के पास करीब 4000 कारें हैं.
उबर के पदाधिकारी ने बताया कि कंपनी के पास करीब 4000 कारें हैं.

Cab service: संसद की डेटा सुरक्षा विधेयक-2019 से संबंधित संसद की संयुक्त समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने बताया कि समिति में शामिल सभी दलों के सदस्यों ने किराया तय करने की प्रणाली, चीन के निवेश और डाटा के आदान-प्रदान के संदर्भ में सवाल किए.

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  • Last Updated: November 5, 2020, 10:26 PM IST
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नई दिल्ली. संसद की एक समिति (Parliamentary committee) ने कैब सेवा प्रदाता कंपनियों ओला (Ola) और उबर (Uber) के वरिष्ठ पदाधिकारियों से गुरुवार को सवाल किया कि क्या स्त्री-पुरूष देखकर, समय और यात्रियों के मोबाइल में बचे बैट्री पावर के हिसाब से किराया निर्धारित किया जाता है. संसद की डेटा सुरक्षा विधेयक-2019 से संबंधित संसद की संयुक्त समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने बताया कि समिति में शामिल सभी दलों के सदस्यों ने किराया तय करने की प्रणाली, चीन के निवेश और डाटा के आदान-प्रदान के संदर्भ में सवाल किए.

उनके मुताबिक, समिति ने दोनों कंपनियों से हलफनामे के तौर पर लिखित जवाब देने को कहा है. लेखी ने बताया, सदस्यों ने किराये बढ़ने के संदर्भ में मुख्य रूप से सवाल किए. उन्होंने पूछा कि क्या स्त्री-पुरूष, समय और यात्रियों के मोबाइल में बचे बैट्री पावर के हिसाब किराया निर्धारित की जाता है.

कैब सर्विस से जुड़े पूछे गए ये सवाल
उन्होंने कहा कि ओला और उबर से उनकी अपनी कार होने के संदर्भ में सवाल किया जिस पर दोनों के पदाधिकारियों ने बताया कि उनके अपनी कारें हैं. सूत्रों का कहना है कि उबर के पदाधिकारी ने बताया कि कंपनी के पास करीब 4000 कारें हैं. इस साल के आखिर में कार ड्राइवरों के सुपुर्द कर दी जाएगीं और उबर सिर्फ कैब सेवा प्रदाता बना रहेगा.
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