16 जून से शुरू होगी संसदीय समितियों की बैठक, 15 जुलाई से हो सकता है मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र जुलाई के मध्य से शुरू हो सकता है. (फाइल फोटो)

संसद का मानसून सत्र जुलाई के मध्य से शुरू हो सकता है. (फाइल फोटो)

Parliament Monsoon Session: संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने सीएनएन न्यूज18 से कहा कि सदन की कार्यवाही की बारिकियों को लेकर अभी और काम करने की जरूरत है लेकिन हम सामान्य सत्र आयोजित करने की उम्मीद कर रहे हैं.

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(पायल मेहता)

नई दिल्ली. केंद्र सरकार जुलाई के मध्य में संसद के मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) का आयोजन करने की तैयारी कर रही है. उच्च सूत्रों ने सीएनएन न्यूज18 को बताया कि 16 जून से संसदीय समितियां अपना कामकाज शुरू कर देंगी. अप्रैल-मई में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए मार्च में संसद के बजट सत्र की अवधि घटा दी गई थी. यहां तक कि पिछले साल कोविड-19 संकट के चलते संसद के शीत और बजट सत्र का एक साथ आयोजन किया गया था.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक शुरुआत में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी की अध्यक्षता वाली संसद की पब्लिक अकाउंट कमेटी की बैठक होगी. हालांकि आगामी सत्र के लिए कार्यों की विस्तार से जांच की जानी बाकी है, सरकार के पास कई महत्वपूर्ण विधेयक हैं जो कि आगामी सत्र में पेश किए जाने हैं, जबकि विपक्ष विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने पर चर्चा की मांग कर रहा है, जिसके विरोध में महीनों से प्रदर्शन जारी है.

इसके साथ ही ईंधन की बढ़ी कीमतों, और सत्तारूढ़ शासन द्वारा प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसी मुद्दों पर चर्चा की मांग उठ रही है. वहीं चर्चा के लिए प्रमुख मुद्दों में से एक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई जिसमें विशेष रूप से दूसरी लहर से निपटने जिसमें कि देश में एक दिन में दो लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए जो कि अब 63 दिनों के अंतराल के बाद एक लाख से कम हो गए हैं, भी शामिल है.
तारीखें तय करने के लिए जल्द होगी बैठक

संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने सीएनएन न्यूज18 से कहा कि सदन की कार्यवाही की बारिकियों को लेकर अभी और काम करने की जरूरत है लेकिन हम सामान्य सत्र आयोजित करने की उम्मीद रखते हैं.

सूत्रों ने बताया कि सत्र पूरी अवधि का होगा या फिर पूरे चार हफ्तों का होगा. उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही बुलाने का काम सरकार का है और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति सदन की कार्यवाही की तारीख तय कर सकती है.




कोविड संकट को ध्यान में रखते हुए आगामी सत्र में भी सभी एहतियात बरते जाएंगे. इसमें कि समय पर टेस्टिंग, विजिटर्स पर पाबंदी और परिसर में स्टाफ का सीमित प्रवेश. इस पर भी चर्चा की जा रही है कि संसद परिसर में दाखिल होने वाले लोगों के पास वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट हो. अधिकारियों का कहना है कि वह उम्मीद कर रहे हैं कि सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसद, खासकर कि जो 45 साल या उससे ज्यादा की उम्र के हैं वह वैक्सीनेशन की दोनों डोज ले चुके होंगे. प्रशासन ने कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त है कि सरकार इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठाएगी.

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