सोशल मीडिया दुरुपयोग मामला: संसदीय समिति ने फेसबुक को किया तलब, 2 सितंबर को होना होगा पेश

सोशल मीडिया दुरुपयोग मामला: संसदीय समिति ने फेसबुक को किया तलब, 2 सितंबर को होना होगा पेश
Facebook को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच वाक् युद्ध भी हुए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

आईटी संबंधी स्थायी संसदीय समिति (Parliamentary standing committee on Information Technology) की बैठक दो सितंबर को होगी, सोशल मीडिया मंचों (Social Media Platforms) के दुरूपयोग को नियंत्रित करने के संबंध में फेसबुक (Facebook) के अधिकारियों के विचार सुनेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 9:04 PM IST
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नई दिल्ली. सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति ( Parliamentary standing committee on Information Technology) ने फेसबुक (Facebook) को 2 सितंबर को तलब किया है. समिति ने फेसबुक को उन दावों के मद्देनजर पेश होने के लिए कहा है जिसमें कहा गया था कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों (Social Media Platforms) के कथित दुरुपयोग के मुद्दे पर अमेरिकी फर्म (American Firm) ने कुछ भाजपा नेताओं (BJP Leaders) के लिए अभद्र भाषा के नियम लागू नहीं किए. फेसबुक के प्रतिनिधियों के अलावा, समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों से "नागरिकों के अधिकारों की रक्षा" और विशेष जोर सहित सामाजिक/ऑनलाइन समाचार मीडिया प्लेटफार्मों के दुरुपयोग को रोकने के विषय पर खासकर कि डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर" चर्चा करने के लिए 2 सितंबर को मौजूद रहने के लिए कहा है.

लोकसभा सचिवालय (Loksabha Secretariat) द्वारा जारी किए गए एजेंडा नोटिफिकेशन के अनुसार, सितंबर की बैठक के लिए, संचार और गृह मामलों के मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को बिहार, जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) और दिल्ली सरकारों (Delhi Govt) से भी बुलाया गया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और प्रसार भारती के प्रतिनिधियों को भी 'मीडिया मानकों में नैतिक मानकों' पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है. ये अधिसूचना उस दिन आई जब समिति के वरिष्ठ सदस्य और भाजपा नेता निशिकांत दुबे (BJP Leader Nishikant Dubey) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) को पत्र लिखकर शशि थरूर (Shashi Tharoor) को पैनल के अध्यक्ष के रूप में हटाने की मांग की, जिसमें आरोप लगाया गया कि कांग्रेस (Congress) नेता एक राजनीतिक एजेंडा के लिए मंच का उपयोग कर रहे थे.

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ये है विवाद
गौरतलब है कि फेसबुक से जुड़ा पूरा विवाद अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (Wall Street Journal) की ओर से प्रकाशित खबर के बाद आरंभ हुआ. इस खबर में फेसबुक के अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि फेसबुक के वरिष्ठ भारतीय नीति अधिकारी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक आरोपों वाली पोस्ट डालने के मामले में तेलंगाना के एक भाजपा विधायक पर स्थायी पाबंदी को रोकने संबंधी आंतरिक पत्र में हस्तक्षेप किया था.

इसके बाद थरूर और दुबे के बीच ट्वीटर पर जबरदस्त वाकयुद्ध चला. बाद में थरूर ने फेसबुक से जुड़े विवाद को लेकर कहा था कि सूचना प्रौद्योगिकी मामले की स्थायी समिति इस सोशल मीडिया कंपनी से इस विषय पर जवाब मांगेगी. दुबे ने उनके इस बयान पर आपत्ति जताई थी.

इस मामले में थरूर और निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को एक दूसरे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है. (भाषा के इनपुट सहित)
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