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सोशल मीडिया के दुरुपयोग मामले में संसदीय समिति ने फेसबुक, ट्विटर को किया तलब

संसदीय समिति ने फेसबुक और ट्विटर अधिकारियों को किया तलब (सांकेतिक तस्वीर)
संसदीय समिति ने फेसबुक और ट्विटर अधिकारियों को किया तलब (सांकेतिक तस्वीर)

Facebook, Twitter Executives Summoned: सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति ने यह समन ऐसे समय भेजा है, जब डाटा प्राइवेसी को लेकर काफी हंगामा जारी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 11:17 PM IST
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नई दिल्ली. सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के मामले में 21 जनवरी को फेसबुक (Facebook) और ट्विटर (Twitter) के अधिकारियों को तलब किया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक समिति ने नागरिकों के हितों का ख्याल करते हुए, सोशल न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media News Space) और डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा के लिए फेसबुक और ट्विटर के अधिकारियों को तलब किया है. दोनों कंपनियों के अधिकारियों को 21 जनवरी को समिति के सामने पेश होना होगा.

सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति ने यह समन ऐसे समय भेजा है, जब डाटा प्राइवेसी को लेकर काफी हंगामा जारी है. बैठक के लिए आधिकारिक एजेंडा में सांसदों से कहा गया है "इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों के लिए साक्ष्य और 'सुरक्षित नागरिकों के अधिकारों और ऑनलाइन सोशल न्यूज़ मीडिया प्लेटफॉर्म जिसमें डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है के निवारण के विषय पर फेसबुक और ट्विटर के प्रतिनिधियों के विचारों को सुनने के लिए."

दोनों ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अक्टूबर में, डाटा प्रोटेक्शन और प्राइवेसी के मामलों को लेकर संयुक्त संसदीय समिति के सामने पेश हुए थे.



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वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट से फेसबुक पर लगे थे आरोप
अगस्त के महीने में प्रकाशित वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के सामने आने के बाद फेसबुक को स्पष्ट राजनीतिक पूर्वाग्रह के आरोपों का सामना करना पड़ा था. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के बीच जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से नई स्थायी समिति का गठन किया गया था. दिसंबर के महीने में, एक और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने दावा किया कि सोशल मीडिया कर्मचारियों ने अपने स्वयं के कर्मचारियों की सुरक्षा की चिंताओं के कारण राजनीतिक पूर्वाग्रह दिखाया.

इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि ये कमेटी राजनीतिक पूर्वग्रहों के मुद्दे पर बंट गई थी. इस पैनल के कुछ सदस्यों ने दावा किया था कि यह सत्तारूढ़ एनडीए की छवि को खराब करने के लिए जानबूझकर किया गया एक प्रयास था.

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संसदीय समिति राजनीतिक हित के लिए फेसबुक पर लगे आरोपों को देख रही है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष हैं. यह समिति पिछले साल सितंबर में बनाई गई थी.

वॉट्सऐप (Whatsapp) ने हाल ही में अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी की तारीख को 8 फरवरी से बढ़ाकर 15 मई किया है. इस पॉलिसी के मद्देनजर लाखों लोग पहले ही टेलीग्राम और सिग्नल जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं.
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