Assembly Banner 2021

अफगान शांति प्रक्रिया के लिए सभी राजनीतिक, जातीय, धार्मिक समूहों की हो भागीदारी: लावरोव

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

लावरोव ने रूसी भाषा में कहा, ‘‘तालिबान आंदोलन अफगान समाज का हिस्सा है और अफगानिस्तान में समाधान के लिए किसी भी फैसले में सभी राजनीतिक, जातीय और धार्मिक समूहों की भागीदारी अवश्य होनी चाहिए.’’

  • Share this:
नई दिल्ली. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergei Lavron) ने मंगलवार को कहा कि ‘तालिबान आंदोलन’ (Taliban Movement) अफगान समाज का हिस्सा है और सभी राजनीतिक, जातीय और धार्मिक समूहों की भागीदारी के बिना अफगानिस्तान में संघर्ष का कोई भी टिकाऊ समाधान नहीं होगा. विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सघन चर्चा के बाद लावरोव ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की.

जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान में जो भी होता है उससे देश की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है और किसी भी राजनीतिक समाधान का मकसद ‘‘स्वतंत्र, संप्रभु, एकजुट और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान’’ होना चाहिए. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि लावरोव के साथ बातचीत में अफगानिस्तान को लेकर चल रहे विभिन्न घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई.

ये भी पढ़ें- सऊदी की नसीहत से गुस्‍साया भारत! कच्‍चे तेल का आयात 35% घटाने की तैयारी तेज



लावरोव ने कहा कि शांति प्रक्रिया से किसी भी समूह के बाहर रहने से टिकाऊ समझौता नहीं हो पाएगा.
लावरोव ने रूसी भाषा में कहा, ‘‘तालिबान आंदोलन अफगान समाज का हिस्सा है और अफगानिस्तान में समाधान के लिए किसी भी फैसले में सभी राजनीतिक, जातीय और धार्मिक समूहों की भागीदारी अवश्य होनी चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा यह (समाधान) टिकाऊ नहीं होगा. राजनीतिक, जातीय और धार्मिक हितों के संतुलन के आधार पर यह निर्णय होना चाहिए.’’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ परमाणु, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भागीदारी सहित द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों और भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की.

ये भी पढ़ें- जब मुख्तार को ले जाने वाला काफिला रास्ते से भटका, लेकिन तभी..

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष के साथ वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ बातचीत व्यापक और सार्थक रही.’’ उन्होंने कहा कि हमारी ज्यादातर बातचीत इस साल के आखिर में होने जा रहे भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बारे में हुई.

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने परमाणु, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भागीदारी के बारे में बातचीत की.’’ उन्होंने कहा ‘‘ हमने तेजी से बढ़ते हमारे ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.’’



(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज