अम्‍फान रिलीफ फंड के दुरुपयोग पर बंगाल में ग्रामीण नाराज, टीएमसी ने कसा सदस्‍यों पर शिकंजा

अम्‍फान रिलीफ फंड के दुरुपयोग पर बंगाल में ग्रामीण नाराज, टीएमसी ने कसा सदस्‍यों पर शिकंजा
ममता बनर्जी कर रही हैं कार्रवाई.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) द्वारा झूठे दावे दायर करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई का वादा करने के बाद कई को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं.

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कोलकाता. इस साल पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आए अम्‍फान चक्रवाती तूफान (Amphan cyclone) में बड़े स्‍तर पर तबाही मची थी. इससे कई ग्रामीणों की फसलें और घर बर्बाद हुए थे. इसको देखते हुए सरकार ने राहत फंड (Amphan relief Fund) की घोषणा की थी. लेकिन अब ग्रामीणों ने इस राहत राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. ऐसे में अब तृणमूल कांग्रेस समेत बीजेपी और सीपीएम ने अपने गुमराह करने वाले पंचायत सदस्‍यों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कुछ से तो उन्‍हें दी गई राहत राशि भी वापस मांगी जा रही है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) द्वारा झूठे दावे दायर करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई का वादा करने के बाद अब टीएमसी की ओर से नंदीग्राम और पूर्वी मिदनापुर, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में लगभग 200 पार्टी सदस्यों और पंचायत पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं.

7 जुलाई को टीएमसी ने राहत राशि के दुरुपयोग के लिए 25 नेताओं को निलंबित कर दिया था. इनमें तीन पंचायत समिति सदस्य, सात अंचल अध्यक्ष, दो ग्राम पंचायत सदस्य, चार बूथ अध्यक्ष और एक प्रधान शामिल थे. निलंबित किए गए लोगों में से एक नंदीग्राम के टीएमसम सदस्‍य बाना बिहारी पाल ने कहा, 'मैंने पार्टी के निर्णय को स्वीकार कर लिया है. राहत राशि पाने वाले लोगों की सूची बनाते समय मैंने कुछ गलतियां की थीं.'



टीएमसी के महासचिव और शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने गलतियों को स्वीकार किया. उन्‍होंने कहा, 'कानून अपना पालन करेगा. सीएम पहले ही कह चुकी हैं कि हमारी पार्टी में उपद्रवियों और भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं है. हमने कई पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निलंबित कर दिया है और हम उन पर मुकदमा चलाने की कोशिश कर रहे हैं.' दक्षिण 24 परगना के कोनारिया-2 ग्राम पंचायत में टीएमसी पंचायत सदस्य बिकास बिस्वास ने राहत राशि के पैसे वापस कर दिए हैं. उनकी पत्नी और सास को मुआवजा मिला था. हरिनाथपुर गांव में दो मंजिला कंक्रीट का मकान बनाने वाले बिकास के पास नुकसान के कुछ संकेत हैं.

बीजेपी के प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष ने इस मामले पर कहा, 'यह पर्याप्त नहीं है. तृणमूल कांग्रेस केवल कुछ को कारण बताओ नोटिस भेज रही है या उन्हें पैसे वापस करने के लिए कह रही है. लेकिन जांच का क्या? एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, जांच शुरू होनी चाहिए.' बीजेपी नेताओं के मामले में पूछे जाने पर घोष ने कहा, 'कुछ पंचायतों में बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ न सिर्फ पार्टी कार्रवाई करेगी, बल्कि पुलिस को भी ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ मामले शुरू करने चाहिए. टीएमसी पंचायत प्रधानों के लिए भी यही कार्रवाई होनी चाहिए.'
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