शशि थरूर ने राहुल गांधी, कांग्रेस के भविष्य और अध्यक्ष के चुनाव सहित कई मुद्दों पर रखी राय, 10 खास बातें

शशि थरूर ने राहुल गांधी, कांग्रेस के भविष्य और अध्यक्ष के चुनाव सहित कई मुद्दों पर रखी राय, 10 खास बातें
थरूर ने पार्टी अध्यक्ष चुनने के लिए वोटिंग प्रक्रिया की भी पैरवी की. (फाइल फोटो)

कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने CNN-News18 से खास बातचीत में कांग्रेस के नेतृत्व, पार्टी के भविष्य, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और राजस्थान में हुए सियासी संकट (Rajasthan Political Crisis) को लेकर अपने विचार साझा किये. पढ़ें 10 खास बातें

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  • Last Updated: August 12, 2020, 7:44 PM IST
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नई दिल्ली. केरल (Kerala) के तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) से कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने CNN-News18 की पत्रकार पल्लवी घोष को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस अध्यक्ष (Congress President), गांधी परिवार, पार्टी नेतृत्व और राजस्थान के सियासी संकट (Rajasthan Political Crisis) को लेकर खुलकर बातचीत की. इस इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि कांग्रेस को लोगों के मन से अपने लिए लक्ष्यहीन और दिशाहीन होने की धारणा खत्म करनी होगी इसलिए पार्टी को एक पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत है. बता दें पिछले साल लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इस्तीफा देने के चलते सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था. सोनिया का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो गया है. थरूर ने पार्टी अध्यक्ष चुनने के लिए वोटिंग प्रक्रिया की भी पैरवी की. पढ़ें 10 बड़ी बातें..

>शशि थरूर ने कहा कि यह धारणा खत्म करना जरूरी है कि कांग्रेस लक्ष्यहीन और दिशाहीन है और किसी भी चुनौती का सामना नहीं कर सकती और यह विश्वसनीय राष्ट्रीय विपक्ष की भूमिका अदा करने में असमर्थ है. क्योंकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.

>कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष खोजने की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है. अध्यक्ष मिलने के बाद बाकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करने के लिए आगे बढ़ा जा सकता है.



>थरूर ने कहा कि कांग्रेस को संगठनात्मक चुनौतियों से निपटने की भी जरूरत है मसलन जहां कमजोर होते जा रहे हैं उन राज्यों में पार्टी को फिर से मजबूत करना. इसके साथ ही पार्टी की सदस्यता को बढ़ाना और कैडर में ऊर्जा और जोश भरने जैसे कई जरूरी काम है जिन्हें किये जाने की जरूरत है. थरूर ने कहा कि भाजपा के लिए एकमात्र राष्ट्रीय विकल्प कांग्रेस ही है और हमें उस पर खरा उतरने की जरूरत है.
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>शशि थरूर ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के लिए कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के मन में खास जगह है. इसके कारण पार्टी की शानदार विरासत के अलावा और भी हैं. कांग्रेस अलग-अलग तरह के समूहों, विचारधाराओं, भौगोलिक और समुदायों को एक साथ लेकर आई है, जिन्हें मिलाकर ये पार्टी बनी है. नेहरू-गांधी परिवार के पास सफल नेतृत्व और राजनीतिक नेतृत्व का अनुभव भी है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि इस नेहरू-गांधी परिवार ने पार्टी के लिए क्या किया है. परिवार के दो पूर्व अध्यक्षों के अंतिम बलिदान को भी हमें याद रखना होगा.

>राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने के लेकर शशि थरूर ने कहा कि अगर राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए फिर से तैयार हो जाते हैं, तो उन्हें सिर्फ अपना इस्तीफा वापस लेना होगा. उन्हें दिसंबर 2022 तक के लिए पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था. वह चाहें तो फिर से कांग्रेस की बागडोर अपने हाथ में ले सकते हैं.

>राहुल गांधी के इस्तीफा वापस न लेने की स्थिति पर शशि थरूर ने कहा कि यदि राहुल इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं तो फिर हमें और विकल्पों को खोजना होगा जिसके लिए वोटिंग ही एकमात्र रास्ता है.

>कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराने के फैसले को लेकर थरूर ने कहा कि यदि पिछले अध्यक्ष दोबारा जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं हैं तो अंतरिम अध्यक्ष से अनिश्चितकाल तक पार्टी की जिम्मेदारी संभालने की अपेक्षा करना गलत है. ऐसे में अध्यक्ष पद और सीडब्ल्यूसी की निर्वाचित सीटों पर भी चुनाव कराए जाएं, इसके नतीजे फायदेमंद साबित होंगे.

>शशि थरूर ने कहा कि चुनाव के लिए कौन उम्मीदवार होगा या कौन जीत हासिल करेगा इसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से परेशान नहीं हूं. यह बात किसी व्यक्ति के बारे में नहीं बल्कि एक प्रक्रिया के बारे में है जिसकी मैं वकालत जरूर करूंगा. बाकी सब कुछ पार्टी पर निर्भर करता है.

>राजस्थान में खड़े हुए सियासी संकट को लेकर शशि थरूर ने कहा कि मैंने हमेशा से मीडिया के किसी भी व्यक्तिगत मामले को सामान्य बनाने की आलोचना की है. कोई भी व्यक्ति अगर पार्टी में रहकर कोई दिक्कत महसूस करता है तो वह उसे पार्टी के भीतर ही सुलझाता है लेकिन इसे कुछ टिप्पणीकारों के चलते कांग्रेस में राजनीतिक असहमति की महामारी में बदल दिया गया.



>ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट को लेकर बात करते हुए थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि हम मामला अपने आपमें अलग है. जो सिंधिया पर लागू होता है, वह सचिन पर लागू नहीं होता. मुझे उनकी नाराजगी पर अफसोस हुआ क्योंकि मैं उसे हमारी सबसे अच्छी और बेहतरीन युवा संपत्ति में से एक के रूप में देखता हूं. मुझे खुशी है कि उन्होंने पार्टी में बने रहने और बेहतर भारत के लिए हमारे साथ लड़ने का विकल्प चुना है.
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