आचार्य बालकृष्ण ने कहा- कोरोनिल बनाने लिए पतंजलि आयुर्वेद ने किया सभी प्रक्रियाओं का पालन

आचार्य बालकृष्ण ने कहा- कोरोनिल बनाने लिए पतंजलि आयुर्वेद ने किया सभी प्रक्रियाओं का पालन
बाबा रामदेव ने 23 जून को लॉन्च किया था कोरोना किट

पतंजलि आयुर्वेद(Patanjali Ayurved) के सीईओ आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने गुरुवार को कहा कि हमने कोरोनिल (Coronil) बनाने के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है.

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  • Last Updated: June 25, 2020, 11:11 PM IST
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नई दिल्ली. पतंजलि आयुर्वेद(Patanjali Ayurved) के सीईओ आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने गुरुवार को कहा कि हमने कोरोनिल (Coronil) बनाने के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है और लाइसेंस प्राप्त करते समय कुछ भी गलत नहीं किया है. बालकृष्ण ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि हमने कोरोनिल बनाने के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है. हमने दवा में इस्तेमाल कंपाउंड्स के शास्त्रीय साक्ष्य के आधार पर लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. हमने लोगों के सामने कंपाउंड्स परीक्षणों पर काम किया और क्लीनिकल ट्रायल के परिणाम सामने रखे. बालकृष्ण ने दावा किया कि लाइसेंस को लेकर हमने लाइसेंस प्राप्त करते समय कुछ भी गलत नहीं किया है. हमने दवा (कोरोनिल) का विज्ञापन नहीं किया, हमने लोगों को दवा के प्रभावों के बारे में बताने की कोशिश की है. बालकृष्ण ने यह भी कहा कि क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल में हमने औषधियां दीं, जो परिणाम आया हमने उसे देशवासियों के सामने रखने का प्रयास किया. जिस को विज्ञापन कहा गया वो विज्ञापन नहीं बल्कि हमने क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल के नतीजे को लोगों के सामने रखने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया था.

योग गुरु रामदेव (Yoga Guru Ramdev) की पतंजलि आयुर्वेद ने कोविड-19 (Covid-19) के इलाज में शत-प्रतिशत कारगर होने का दावा करते हुए मंगलवार को बाजार में एक औषधि उतारी थी. दावा किया गया कि इससे सात दिन में ही कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण का इलाज किया जा सकता है. वहीं, इसके कुछ ही घंटे बाद आयुष मंत्रालय (Ayush Ministry) ने पतंजलि को इस औषधि में मौजूद विभिन्न जड़ी-बूटियों की मात्रा एवं अन्य ब्योरा यथाशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा. साथ ही, मंत्रालय ने विषय की जांच-पड़ताल होने तक कंपनी को इस उत्पाद का प्रचार भी बंद करने का आदेश दिया है. हालांकि, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि दवा की बिक्री अभी भी की जा सकती है?

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आयुष मंत्री ने बताया अच्छी पहल पर उचित प्रक्रिया जरूरी
केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाइक (Sripad Naik) ने बुधवार को कहा था कि पतंजलि दवा ला रही है और यह एक अच्छी पहल है, लेकिन इसके लिए उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा. नाइक ने कहा कि दवाओं और रामदेव की हर्बल दवा कंपनी द्वारा किए गए शोध परीक्षण से संबंधित दस्तावेज मंगलवार को मंत्रालय को भेज दिए गए. उन्होंने कहा, "मंगलवार को मंत्रालय को जो रिपोर्ट भेजी गयी, उनकी जांच की जाएगी." मंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे समय जब हर कोई कोविड-19 के इलाज के लिए जूझ रहा है, इस तरह की पहल निश्चित रूप से अच्छी बात है लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए.’’

उत्तराखंड सरकार जारी करेगी नोटिस
इस बीच उत्तराखंड सरकार पतंजलि को कोरोना वायरस की कथित दवाई को लेकर नोटिस जारी कर रही है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी और कहा कि कंपनी ने केवल खांसी और बुखार के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाई के लिए आवेदन किया था. उत्तराखंड सरकार के नोटिस के अलावा कंपनी को बिहार में भी मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है. मुजफ्फरपुर की एक अदालत में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है. (भाषा के इनपुट सहित)
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