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    कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही पृथक रखा जाए: विशेषज्ञ

    अस्पतालों पर बोझ कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है.
    अस्पतालों पर बोझ कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

    विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बगैर लक्षण वाले और हल्के लक्षणों वाले कोविड-19 के मरीजों (Asymptomatic Covid-19 Patients) को घर पर ही पृथक रख कर इलाज करना उपयुक्त होगा क्योंकि यह अस्पतालों पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा.

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    बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (Karnataka CM BS Yediyurappa) ने बुधवार को कहा कि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बगैर लक्षण वाले और हल्के लक्षणों वाले कोविड-19 के मरीजों (Asymptomatic Covid-19 Patients) को घर पर ही पृथक रख कर इलाज करना उपयुक्त होगा क्योंकि यह अस्पतालों पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा. येडियुरप्पा ने राज्य में कोविड-19 (Covid-19) के प्रबंधन के सिलसिले में मेडिकल विशेषज्ञों की एक बैठक बुलाई थी. अधिकारियों ने बताया कि उपचार के लिये दिशानिर्देश और रणनीति के क्रियान्वयन और राज्य में कोविड प्रबंधन पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई. सरकार के इस दिशा में जल्द ही दिशानिर्देश जारी करने की संभावना है.

    येडियुरप्पा ने कहा, ‘‘ज्यादातर विशेषज्ञों का विचार है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के बगैर लक्षण वाले और हल्के लक्षणों वाले मरीजों का घर पर ही पृथक रख इलाज करना उपयुक्त होगा क्येांकि यह अस्पतालों पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा. ’’ उन्होंने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि गंभीर हालत वाले और पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों के इलाज पर ध्यान देने की सलाह दी गई. बैठक में मणिपाल अस्पताल के डॉ सुदर्शन बल्लाल, स्पर्श अस्पताल के डॉ शरन पाटिल, फोर्टिस अस्पताल के डॉ विवेक जवाली और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन के डॉ गिरिधर बाबू सहित अन्य बैठक में उपस्थित थे.

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    बेंगलुरु में तेजी से बढ़ रहे मामलों के चलते लिया गया फैसला
    मेडिकल शिक्षा मंत्री के सुधाकर ने संवाददाताओं से कहा कि हाल के दिनों में मुख्य रूप से बेंगलुरु में वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने और कोविड-19 मरीजों की मौत होने के मद्देनजर यह बैठक हुई. उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को सरकार पर विश्वास करना चाहिए और सहयोग करना चाहिए.मुख्यमंत्री वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ एक और बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसके बाद दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे. ’’

    बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम ने 50 साल से ज्यादा के कर्मियों को छुट्टी लेने को कहा
    बढ़ते मामलों के बीच बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम ने हाल ही में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के बाद 50 साल से अधिक उम्र के और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त अपने कर्मियों को छुट्टी ले लेने को कहा है. निगम द्वारा 29 जून को जारी एक आदेश में कहा गया है, ‘‘ जो कर्मी उम्रदराज हैं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं, उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा अधिक है, ऐसे में फिलहाल उनके ही हित में उनकी सेवा इस्तेमाल में लाना मुनासिब नहीं होगा. ’’

    इस आदेश में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 19 अप्रैल के परामर्श का हवाला दिया गया है जिसमें निर्देश दिया गया है कि उम्रदराज और गंभीर बीमारियां से ग्रस्त कर्मियों को ऐसा काम नहीं सौंपा जाए जहां वे आम लोगों के संपर्क में आयेंगे. निगम रोजना करीब 10 लाख लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है.

    तीस जून शाम तक राज्य मे कोविड-19 के मामले 15,242 हो गये थे जिनमें 246 मरीजों की जान चली गयी तथा 7918 मरीज स्वस्थ हो गये. इन कुल मामलों में सर्वाधिक 4,555 मामले बेंगलुरु शहरी क्षेत्र से हैं.
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