14 महीने बाद नजरबंदी से रिहा हुईं महबूबा मुफ्ती, छूटते ही कहा- आर्टिकल 370 के लिए होगा संघर्ष

महबूबा मुफ्ती 5 अगस्त से हिरासत में थीं (PTI)
महबूबा मुफ्ती 5 अगस्त से हिरासत में थीं (PTI)

Mehbooba Mufti Released: महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'एक साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रहने के बाद मुझे रिहा कर दिया गया है. उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रुह पर हर पल वार करता रहा. अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए संघर्ष होगा.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 5:56 AM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (People Democratic Party) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को 14 महीने नजरबंद रखने के बाद रिहा कर दिया गया है. नजरबंदी से छूटते ही महबूबा ने 1 मिनट 23 सेकेंड का एक ऑडियो संदेश जारी किया. इसमें उन्होंने आर्टिकल 370 को लेकर कहा कि उस काले दिन का काला फैसला उनके दिमाग में खटकता रहा है. महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'एक साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रहने के बाद मुझे रिहा कर दिया गया है. उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रुह पर हर पल वार करता रहा. मुझे यकीन है कि ऐसी ही स्थिति जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी. अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए संघर्ष होगा.'

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने मंगलवार को महबूबा मुफ्ती की रिहाई की जानकारी दी. मुफ्ती को पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के एक दिन पहले हिरासत में लिया गया था.

रिहाई के बाद महबूबा मुफ्ती के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट किया कि- "जैसे कि श्रीमति मुफ्ती की अवैध हिरासत समाप्त हो गई है, मैं उन सभी को धन्यवाद देना करूंगी जिन्होंने इन कठिन समय में मेरा समर्थन किया. मैं आप सभी का आभार मानती हूं. अब मैं इल्तिजा आपसे विदा लेती हूं. अल्लाह आपकी रक्षा करें."



महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लिए जाने के बाद 20 सितंबर 2019 से इल्तिजा ही उनके ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर रही थीं.



बता दें पिछले करीब एक साल से भी ज्यादा समय से नजरबंद महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग को लेकर उनकी बेटी इल्तिजा ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था. जिस पर 29 सितंबर को सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र से पूछा था कि केंद्र जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को कितने समय तक और किस आदेश से हिरासत में रखना चाहता है. अदालत ने केंद्र की ओर से अदालत में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा द्वारा दायर संशोधित आवेदन पर एक हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था.

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मार्च में रिहा हुए थे फारूक और उमर अब्दुल्ला
केंद्र सरकार ने पिछले साल जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कई स्थानीय पार्टियों के नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें समय-समय पर शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया.

सरकार ने पिछले साल जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) को भी पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लिया था. इस साल 13 मार्च को फारूक अब्दुल्ला और 24 मार्च को उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया गया था. हालांकि महबूबा मुफ्ती की हिरासत की अवधि को लगातार बढ़ाया जा रहा था.

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने 31 जुलाई को मुफ्ती का डिटेन्शन पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया था.
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