900 साल के सूखे ने खत्म कर दी सिंधु घाटी सभ्यता!

सिंधु घाटी सभ्यता के तहत करीब 15 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र था जहां इस समय भारत,पाकिस्तान, बलूचिस्तान और अफगानिस्तान बसे हैं.


Updated: April 16, 2018, 10:13 PM IST
900 साल के सूखे ने खत्म कर दी सिंधु घाटी सभ्यता!
सिंधु घाटी सभ्यता के तहत करीब 15 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र था जहां इस समय भारत,पाकिस्तान, बलूचिस्तान और अफगानिस्तान बसे हैं.

Updated: April 16, 2018, 10:13 PM IST
दुनिया की सबसे प्राचीन और विकसित माने जाने वाली सिंधु घाटी सभ्यता को 900 साल लंबे चले सूखे ने खत्म कर दिया. दरअसल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर की एक स्टडी में यह दावा किया गया है.

इस अध्ययन के अनुसार, आज करीब 4,350 साल पहले सिंधु घाटी सभ्यता करीब 900 सालों तक भीषण सूखे से जूझ रही थी, जिस वजह से स्थानीय लोग अपने बसेरों को छोड़कर भारत के दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों की तरफ पलायन करने को मजबूर हुए थे.

सिंधु घाटी सभ्यता प्राचीन सभ्यताओं में सबसे ज्यादा भूभाग में फैली हुई थी. इसके तहत करीब 15 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र था जहां इस समय भारत, पाकिस्तान, बलूचिस्तान और अफगानिस्तान बसे हैं. इस सभ्यता में बेहद विकसित आधारभूत ढांचा, वास्तुकला व मेटलर्जी यानि धातु विज्ञान मौजूद था और विश्व की अन्य तत्कालीन सभ्यताओं के साथ उसके व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध थे.

संस्थान के भूविज्ञान और भूभौतिकी विभाग के प्रोफेसर अनिल के गुप्ता के नेतृत्व वाले एक दल ने अध्ययन में पाया कि 900 साल तक सूखे जैसी स्थिति होने से पानी की कमी हो गई और ऐसा अल नीनो के असर से भारत में गर्मी का मानसून ‘‘बेहद कमजोर’’ होने के कारण हुआ. आईआईटी खड़गपुर ने आज एक बयान में कहा कि इन सबके कारण खेती पर असर पड़ा.

गुप्ता के साथ वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी , देहरादून और इंस्टीट्यूट ऑफ ईस्टुरिन एंड कोस्टल रिसर्च , शंघाई , चीन के सदस्यों ने जम्मू - कश्मीर के लद्दाख में स्थित सो मरोरी लेक में यह अध्ययन किया. अध्ययन बेहद प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका क्वाटरनरी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा.
ये भी पढ़ेंः
भारत में आज भी मिलते हैं इतिहास के अमिट निशान, यक़ीन न हो तो इन जगहों पर ज़रूर जाएं
Loading...

इस खोज ने पूरी दुनिया में बदल दी भारत की छवि


 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर