जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने को RSS प्रमुख ने बताया साहसिक कदम

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश के हित के लिए अनुच्छेद 370 को हटाना अत्यधिक आवश्यक था और सभी को इसका समर्थन करना चाहिए.

भाषा
Updated: August 5, 2019, 4:46 PM IST
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने को RSS प्रमुख ने बताया साहसिक कदम
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने को RSS प्रमुख ने बताया साहसिक कदम
भाषा
Updated: August 5, 2019, 4:46 PM IST
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 समाप्त करने के सरकार के निर्णय की सराहना की है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश के हित के लिए यह अत्यधिक आवश्यक था और सभी को इसका समर्थन करना चाहिए.

सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश (भय्याजी) जोशी ने संयुक्त बयान में कहा ‘सरकार के साहसपूर्ण कदम का हम हार्दिक अभिनंदन करते हैं. यह जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश के हित के लिए अत्यधिक आवश्यक था.’ उन्होंने कहा कि सभी को अपने स्वार्थों एवं राजनीतिक भेदों से ऊपर उठकर इस पहल का स्वागत और समर्थन करना चाहिये.

केंद्र शासित प्रदेश होगा जम्मू-कश्मीर
उल्लेखनीय है कि सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में एक संकल्प पेश किया जिसमें जम्मू-कश्मीर राज्य से संविधान के अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंडों को हटाने और राज्य का विभाजन जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव किया गया है. जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र की अपनी विधायिका होगी, जबकि लद्दाख बिना विधायिका वाला केंद्रशासित क्षेत्र होगा.

जम्मू-कश्मीर में 370 नहीं होगा लागू
बता दें कि राज्यसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने आज सोमवार को कहा था कि अनुच्छेद 370 अब जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होगा. शाह ने राज्यसभा में तीन संकल्प को रखा. इनमें पहले संकल्प को रखते हुए शाह ने कहा कि आर्टिकल 370 को हटा दिया गया है. दूसरा आर्टिकल 35A को भी खत्म कर दिया गया है. तीसरा, जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है.

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First published: August 5, 2019, 4:38 PM IST
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