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कर्नाटक डिप्टी CM का उद्धव को जवाब- मुंबई को हमारे राज्य में शामिल किया जाए

उद्धव ठाकरे के बयान पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने प्रतिक्रिया दी है.  (फाइल फोटो)
उद्धव ठाकरे के बयान पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने प्रतिक्रिया दी है. (फाइल फोटो)

कर्नाटक के डिप्टी सीएम लक्ष्मण सवादी (Laxman Savadi) ने कहा है कि जिस क्षेत्र को लेकर विवाद है, वहां के लोगों की मांग है कि मुंबई को कर्नाटक में शामिल किया जाए. यही मांग मेरी भी है. मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक मुंबई को केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 5:45 AM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा को लेकर विवाद (Maharashtra-Karnataka Land Row) बढ़ता जा रहा है. बुधवार को पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने इस मसले बयान दिया फिर कर्नाटक के डिप्टी सीएम की तरफ से प्रतिक्रिया दी गई. कर्नाटक के डिप्टी सीएम लक्ष्मण सवादी (Laxman Savadi) ने कहा है कि जिस क्षेत्र को लेकर विवाद है, वहां के लोगों की मांग है कि मुंबई को कर्नाटक में शामिल किया जाए. यही मांग मेरी भी है. मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक मुंबई को केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया जाए.

विवादित क्षेत्र को केंद्रशासित प्रदेश घोषित करने की उद्धव ने की थी मांग
दरअसल केंद्रशासित प्रदेश का जिक्र बुधवार को ही पहले उद्धव ठाकरे ने किया था. उन्होंने कहा-मामला कोर्ट में होने के बावजूद कर्नाटक सरकार ने जानबूझकर बेलगावी इलाके का नाम बदल दिया. विवादित इलाके में मराठी लोगों पर अत्याचार को देखते हुए हमारी सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख कर इलाके को केंद्रशासित प्रदेश घोषित करने की मांग करेगी. उद्धव ठाकरे के इस बयान के कुछ ही घंटे के भीतर कर्नाटक के डिप्टी सीएम की तरफ से प्रतिक्रिया दी गई है.

लंबे समय से है दोनों राज्यों में विवाद
दरअसल, कर्नाटक और महाराष्ट्र का यह जमीनी विवाद उस वक्त चर्चा में आया जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा था कि महाराष्ट्र सरकार कर्नाटक से विवादित जमीन वापस लेने के लिए प्रतिबद्ध है. बवाल तब और बढ़ गया जब डिप्टी सीएम अजित पवार ने भी बिल्कुल यही ट्वीट अपने ट्विटर हैंडल से किया. इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने जवाब दिया, 'कर्नाटक से महाराष्ट्र को एक इंच भी जमीन देने का प्रश्न ही नहीं उठता. उन्हें केवल राजनीतिक कारणों से बयान जारी करना बंद कर देना चाहिए.'



महाराष्ट्र के कांग्रेसी नेता ने भी दिया था बयान
इस मामले में महाराष्ट्र कांग्रेस नेता सचिन सावंत भी सख्त लहजे में बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा था-विवादित जमीन महाराष्ट्र की है. इसलिए यह जमीन महाराष्ट्र को वापस मिलनी चाहिए. यह जमीनी विवाद लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ा है. विवादित जमीन में पड़ने वाले बेलगावी, निपानी, करवर में मराठी आबादी बहुतायत में है. इसलिए स्पष्ट तौर पर जमीन महाराष्ट्र की है. और इसलिए ये महाराष्ट्र के हिस्से में ही आनी चाहिए.'
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