कश्मीर : ईद-उल-अजहा पर मस्जिदों में नमाज पढ़ सकेंगे लोग

कश्मीर :  ईद-उल-अजहा पर मस्जिदों में नमाज पढ़ सकेंगे लोग
Jammu: Security personnel with a sniffer dog and metal detectors inspect a ground at Eidgah on the eve of Eid al-Adha festival in Jammu, Sunday, Aug 11, 2019. (PTI Photo(PTI8_11_2019_000092B)

कश्मीर (Kashmir) में ईद उल जुहा (Eid al-Adha) के मौके पर लोगों को उनके परिजनों से बातचीत करने में मदद पहुंचाने के लिए 300 विशेष टेलीफोन बूथ स्थापित किये जा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2019, 1:31 PM IST
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सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि सोमवार को ईद-उल-अजहा (Eid al-Adha) के मौके पर कश्मीर (Kashmir)में लोगों को मस्जिदों में नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाएगी.मोबाइल और लैंडलाइन फोन पर लगी रोक भी यथाशीघ्र हटा ली जाएगी.

अधिकारी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर ‘भाषा’ को बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखना और किसी उपद्रव और जानमाल की हानि को रोकना है.

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं और वे लोगों को ईद पर मस्जिद में नमाज पढ़ने की सुविधा देंगे.



प्रशासन ने शुक्रवार को लोगों को स्थानीय मस्जिदों में नमाज पढ़ने की इजाजत दी थी.हालांकि, घाटी में बड़ी संख्या में लोगों के एक स्थान पर जमा होने की इजाजत नहीं दी गई.
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संचार संसाधनों पर रोक अस्थायी उपाय

संचार संसाधनों पर रोक के बारे में पूछने पर अधिकारी ने कहा कि यह अस्थायी उपाय है, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके.

उन्होंने कहा, ‘सरकार जमीनी हालात को लेकर संवेदनशील है और लोगों को कम से कम असुविधा हो इसका ध्यान रख रही है.रोजाना या हर दूसरे दिन प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है.हम फोन पर से रोक हटाने का फैसला जितनी जल्दी संभव होगा, लेंगे.’

अधिकारी ने कहा कि सभी फैसले केंद्र सरकार की ओर से नहीं लिए जा रहे हैं.स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर जरूरत के हिसाब से कानून- व्यवस्था को लेकर फैसला ले रहा है.

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300 टेलीफोन बूथ लगाए जाएंगे

इसके सथ ही प्रदेश में ईद उल जुहा के मौके पर लोगों को उनके परिजनों से बातचीत करने में मदद पहुंचाने के लिए 300 विशेष टेलीफोन बूथ स्थापित किये जा रहे हैं.

प्रशासन ने एक सलाह जारी करते हुए कहा है कि अधिकारियों को अलीगढ़ और नयी दिल्ली समेत विभिन्न इलाकों में सक्रिय किया गया है, ताकि जम्मू कश्मीर के छात्रों को उनके परिजनों से बातचीत करने में सुविधा हो.

प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik)के निर्देश पर यह परामर्श जारी किया गया है . राज्यपाल ने कहा कि राज्य से बाहर अध्ययन करने वाले उन छात्रों को भी मदद दी जाएगी जो इस त्यौहार के मौके पर अपने घर जाना चाहते हैं.

राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को राज्यपाल ने प्रत्येक जनसंपर्क अधिकारियों को एक-एक लाख रुपये मंजूर किये, ताकि वेसै छात्र यह त्यौहार वहीं मना सकें जो किसी कारण घर नहीं जा सके हैं. (भाषा इनपुट के साथ)


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