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'असंवैधानिक' या 'बेहतरीन': CJI के खिलाफ महाभियोग मामले पर क्या बोले वकील

भाषा
Updated: April 23, 2018, 9:33 PM IST
'असंवैधानिक' या 'बेहतरीन': CJI के खिलाफ महाभियोग मामले पर क्या बोले वकील
दीपक मिश्रा (फाइल फोटो)

जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने उपराष्ट्रपति के फैसले को ‘असंवैधानिक’ और ‘राजनीतिक’ करार देते हुए कहा कि यह मुख्य न्यायाधीश को सुरक्षित करने के लिए हुआ है.

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चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को राज्यसभा सभापति एम. वेंकैया नायडू द्वारा खारिज किए जाने पर राजनीतिक दलों से जुड़े वकीलों ने अपनी पार्टी के रुख के मुताबिक प्रतिक्रिया दी.

वरिष्ठ वकील और कांग्रेस सांसद केटीएस तुलसी ने उपराष्ट्रपति के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की इजाजत नहीं दी जा सकती.

वहीं बीजेपी नेता और वकील अमन सिन्हा ने आरोप लगाया कि महाभियोग प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस न्यायपालिका को धमकाने और सुप्रीम कोर्ट की ईमानदारी को सवालों के घेरे में लाना चाहती थी.

इसके अलावा जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने इस फैसले को ‘असंवैधानिक’ और ‘राजनीतिक’ करार देते हुए कहा कि यह मुख्य न्यायाधीश को सुरक्षित करने के लिए हुआ है.



बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रमुख मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि यह बहुत उचित फैसला था और इससे देश के सभी ‘संवेदनशील लोग’ खुश हुए हैं.

बता दें कि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने वाला प्रस्ताव को  भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और संविधान के जानकारों से चर्चा के बाद खारिज कर दिया. दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति को नोटिस दिया था. विपक्ष के प्रस्ताव पर 7 दलों के 64 सांसदों ने साइन किए थे.

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First published: April 23, 2018, 9:22 PM IST
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