नन बलात्कार मामले में बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बरी करने की याचिका खारिज

नन बलात्कार मामले में बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बरी करने की याचिका खारिज
बिशप फ्रैंको मुलक्कल की फाइल फोटो (फोटो- PTI)

न्यायमूर्ति वी. शिरसी ने जालंधर क्षेत्र (Jalandhar Region) के बिशप (Bishop) को निर्देश दिया कि बलात्कार मामले (Rape cases) में वह सुनवाई का सामना करे.

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कोच्चि. केरल उच्च न्यायालय (Kerala high Court) ने बलात्कार के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल (Bishop Franco Mulakkal) की बरी करने की याचिका को खारिज कर दिया है. बिशप फ्रैंको मुलक्कल एक नन के यौन शोषण (Sexual Harassment) के मामले में आरोपी है. न्यायमूर्ति वी. शिरसी ने जालंधर क्षेत्र (Jalandhar Region) के बिशप (Bishop) को निर्देश दिया कि बलात्कार मामले (Rape cases) में वह सुनवाई का सामना करे. केरल (Kerala) में उसी क्षेत्र की एक नन ने उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था.

अदालत (Court) ने बिशप की याचिका खारिज करते हुए अभियोजन के इस तर्क को स्वीकार किया कि बलात्कार मामले में मुलक्कल के खिलाफ प्रथमदृष्ट्या साक्ष्य (Prima facie evidence) मौजूद हैं. इस वर्ष मार्च में निचली अदालत (Lower Court) द्वारा बरी किए जाने की याचिका खारिज करने के बाद रोमन कैथोलिक गिरजाघर (Roman Catholic Church) के वरिष्ठ पादरी ने समीक्षा याचिका दायर की.

2018 में नन ने बिशप पर 2014 से 2016 के बीच बलात्कार का लगाया था आरोप
बिशप के खिलाफ कोट्टायम जिले में पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज किया था. उच्च न्यायालय में दायर याचिका में पादरी ने कहा कि जब उन्होंने पीड़िता नन से वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल किया तो उसने उन्हें फंसा दिया.
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पुलिस को जून 2018 में दी गई शिकायत में नन ने आरोप लगाए थे कि 2014 से 2016 के बीच बिशप ने उसका यौन शोषण किया. इस मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल ने बिशप को गलत तरीके से नन को कैद में रखने (wrongful confinement), बलात्कार (rape), अप्राकृतिक यौन संबंध (unnatural sex) और आपराधिक धमकी देने (criminal intimidation) के आरोप में गिरफ्तार किया था.
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