भारत बंद से ठीक पहले पेट्रोल-डीजल हुए और महंगे, शिवसेना का सवाल- यही हैं अच्छे दिन?

पेट्रोल-डीजल की बदस्तूर बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद बुलाया है. कांग्रेस के इस बंद को विपक्ष की कुल 18 छोटी-बड़ी पार्टियों का समर्थन मिला है.

News18Hindi
Updated: September 9, 2018, 11:50 AM IST
भारत बंद से ठीक पहले पेट्रोल-डीजल हुए और महंगे, शिवसेना का सवाल- यही हैं अच्छे दिन?
प्रतीकात्मक
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Updated: September 9, 2018, 11:50 AM IST
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल बदस्तूर जारी है. रविवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम बढ़कर 80.50 रुपये प्रति लीटर हो गया है, तो वहीं डीजल की कीमत 72.61 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई. इससे पहले शनिवार को यहां पेट्रोल 80.38 पैसे जबकि डीजल 72.51 रुपये प्रति लीटर था.

वहीं मुंबई में पेट्रोल 87.89 रुपये लीटर हो गया है और एक लीटर डीजल 77.09 रुपये में मिल रहा है. एक दिन पहले यहां पेट्रोल 87.77 और डीजल 76.98 रुपये प्रति लीटर था.

तेल की बदस्तूर बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद बुलाया है. कांग्रेस के इस आहुत बंद को विपक्ष की कुल 18 छोटी-बड़ी पार्टियों का समर्थन मिला है.

इस बीच महाराष्ट्र में सत्ताधारी बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी मुंबई में कई जगहों पर पोस्टर लगाकर लगाकर मोदी सरकार के 'अच्छे दिन' वादे पर कटाक्ष किया है.




तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था वाले भारत को पेट्रोल-डीजल में भारी उछाल पर बिना गहराई से सोचे झटके में कोई निर्णय करने से बचाना चाहिए. उनकी बात से लगता है कि सरकार फिलहाल डीजल पेट्रोल पर कर में कोई कटौती करने के मूड में नहीं है.

प्रधान ने वैश्विक आवागमन सम्मेलन 'मूव' के दौरान अलग से बातचीत में कहा कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन बढ़ाने का वायदा पूरा न करने तथा ईरान, वेनेजुएला और तुर्की में उत्पादन के बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची हुई हैं. उन्होंने कहा, 'एक मजबूत और सबसे तेजी से वृद्धि करती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत को बिना सोचे समझे कोई कदम नहीं उठाना चाहिए. हमें थोड़ा इंतजार करना चाहिए.'
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