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समन पर और वक्त मांगने के लिए ED के अफसरों से मिले PFI, NGO के अधिकारी

भाषा
Updated: January 29, 2020, 5:24 PM IST
समन पर और वक्त मांगने के लिए ED के अफसरों से मिले PFI, NGO के अधिकारी
CAA के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों में हिंसक प्रदर्शनों के वित्तीय तार कथित तौर पर पीएफआई से जुड़े होने के मामले में एजेंसी आगे जांच कर रही है.

पीएफआई (PFI) के अनीस अहमद ने पीटीआई से कहा, हमने अपने अध्यक्ष अबूबकर के लिए और वक्त मांगा है. उन्हें कैंसर है और आंत संबंधी कुछ दिक्कतें हैं. वह पिछले कुछ महीने से अस्पताल में भर्ती हैं.

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नई दिल्ली. पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) और एनजीओ रिहैब इंडिया फाउंडेशन (Rehab India Foundation) के प्रतिनिधियों ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों से मुलाकात कर उनसे एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए अपने पदाधिकारियों के वास्ते और समय मांगा.

केरल (Kerala) स्थित पीएफआई (PFI) और रिहैब इंडिया फाउंडेशन के कानूनी प्रतिनिधियों समेत चार अधिकारियों ने सुबह करीब साढ़े दस बजे यहां प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के कार्यालय में एजेंसी के अधिकारियों से मुलाकात की. ईडी ने धन शोधन की जांच के सिलसिले में मंगलवार को पीएफआई और रिहैब इंडिया के सात पदाधिकारियों को समन जारी किए गए थे. उन्हें बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया.

CAA के हिंसक प्रदर्शनों में सामने आया था नाम
संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Act) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में तथा देश के अन्य हिस्सों में हाल में हुए हिंसक प्रदर्शनों के वित्तीय तार कथित तौर पर पीएफआई से जुड़े होने के मामले में एजेंसी आगे जांच कर रही है. जिन लोगों को तलब किया गया है उनमें पीएफआई और रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ) के चेयरमैन ई अबूबकर, पीएफआई के उपाध्यक्ष ओ एम अब्दुल सलाम, महासचिव एम मोहम्मद अली जिन्ना तथा राष्ट्रीय सचिव अनीस अहमद एवं अब्दुल वाहिद सैत शामिल हैं.

आरआईएफ महासचिव रमीज मुहम्मद और सचिव ए चंद्रकांदी को भी इसी तरह के समन भेजे गये.

पीएफआई के अनीस अहमद ने पीटीआई से कहा, "हमने अपने अध्यक्ष अबूबकर के लिए और वक्त मांगा है. उन्हें कैंसर है और आंत संबंधी कुछ दिक्कतें हैं. वह पिछले कुछ महीने से अस्पताल में भर्ती हैं." उन्होंने कहा, "हम ईडी की कार्रवाई के सिलसिले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे. हमारे वित्तीय लेनदेन साफ-सुथरे हैं और हमने अपने सारे आयकर रिटर्न दाखिल किये हैं. यह हमारे खिलाफ बदले की राजनीति है."

आरएफआई की ओर से नहीं मिला जवाबआरएफआई से भी प्रतिक्रिया प्राप्त करने के प्रयास किये गये लेकिन फोन कॉल और ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला.

आरएफआई ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि उसकी स्थापना 2018 में की गयी थी और इसका मकसद ग्रामीण भारत के वंचित तबके को पुनर्स्थापित करना तथा एक न्यायोचित समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास एवं पर्यावरण जैसे तत्वों के माध्यम से बेहतर जीवनस्तर प्रदान करना है.

अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी अबूबकर के लिए नयी तारीख बता सकती है, वहीं बाकी अधिकारियों को अगले सप्ताह मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना है. उन्होंने कहा कि ईडी आरएफआई के नौ बैंक खातों से रुपयों की निकासी और दुबई में इसके खातों में 20 लाख रुपये जमा होने के मामले में जांच कर रही है.

PFI से जुड़े कई बैंक खातों में आए करोड़ों रुपये
सूत्रों के अनुसार, पता चला कि देश के अनेक हिस्सों में पीएफआई से जुड़े कई बैंक खातों में पिछले साल चार दिसंबर से छह जनवरी के बीच कम से कम 1.04 करोड़ रुपये जमा किये गये. इसी दौरान संसद ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर उत्पीड़न का शिकार हुए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के प्रावधान वाला विधेयक पारित किया.

सूत्रों ने बताया कि पीएफआई, आरएफआई और कुछ अन्य के बैंक खातों में विभिन्न समयों पर कुल 120 करोड़ रुपये जमा किये गये जो ईडी की जांच के घेरे में हैं. संगठन ने सोमवार को एक बयान में कहा था, "पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने कई बार यह बात कही है कि हम देश के कानून का पूरी तरह पालन करते हैं और सीएए (CAA) विरोधी प्रदर्शनों से ऐन पहले 120 करोड़ रुपये पॉपुलर फ्रंट के खातों से हस्तांतरित होने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इस तरह के आरोप लगा रहे लोगों को चाहिए कि इन दावों को साबित करें."

ईडी ने 2018 में पीएमएलए के तहत पीएफआई पर मामला दर्ज किया था.

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First published: January 29, 2020, 5:24 PM IST
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