Home /News /nation /

Child Vaccination: फाइजर का दावा- 5 से 11 साल के बच्चों पर 90% प्रभावी है वैक्सीन

Child Vaccination: फाइजर का दावा- 5 से 11 साल के बच्चों पर 90% प्रभावी है वैक्सीन

फाइजर के टीके को पहले ही 12 से अधिक आयु के लोगों के लिए अधिकृत किया जा चुका है.  (AP)

फाइजर के टीके को पहले ही 12 से अधिक आयु के लोगों के लिए अधिकृत किया जा चुका है. (AP)

Children Corona Vaccination: फाइजर ने यह आकलन 2,268 बच्चों पर किए अध्ययन के आधार पर किया है. अध्ययन में शामिल बच्चों को तीन सप्ताह के अंतर पर प्रायोगिक औषधि या टीके की कम मात्रा वाली खुराक दी गई. प्रत्येक खुराक की मात्रा किशोरों और वयस्कों को दी जा रही खुराक की एक तिहाई थी.

अधिक पढ़ें ...

    वॉशिंगटन. कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन पांच से 11 साल के उम्र वर्ग के बच्चों पर प्रभावी है. कंपनी की ओर से शुक्रवार को जारी विस्तृत अध्ययन में रिपोर्ट में दावा किया कि बच्चों के लिए तैयार उसका कोविड-19 टीका 5 से 11 साल के बच्चों में संक्रमण के लक्षण उभरने से रोकने में करीब 91 प्रतिशत प्रभावी है. यह अध्ययन रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका 5 से 11 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन पर विचार कर रहा है. माना जा रहा है कि अगर नियामक ने मंजूरी दी तो अमेरिका में नवंबर की शुरुआत से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू किया जा सकता है, ताकि क्रिसमस तक 5 से 11 साल के बच्चों को कोरोना का सुरक्षा कवच मुहैया कराया जा सके.

    फाइजर के अध्ययन को ऑनलाइन प्रकाशित किया गया. उम्मीद की जा रही है कि अमेरिका खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) दिन में ही कंपनी के सुरक्षा और प्रभाव संबंधी आंकड़ों की स्वतंत्र समीक्षा प्रकाशित करेगा. एफडीए के सलाहकार सार्वजनिक रूप से इस अध्ययन पर अगले सप्ताह चर्चा करेंगे. यदि एजेंसी अंतत: टीके को मंजूरी देती है तो रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) इस बात का अंतिम फैसला लेगा कि इस टीके को किसे दिया जाना चाहिए.

    फाइजर के टीके को पहले ही 12 से अधिक आयु के लोगों के लिए अधिकृत किया जा चुका है. हालांकि बाल रोग विशेषज्ञ और कई अभिभावक अधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप के मद्देनजर छोटे बच्चों के लिए टीके का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि बच्चों को स्कूल भेजने में मदद मिल सके. अमेरिका में 25 हजार से अधिक बाल रोग चिकित्सक और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने वाले बच्चों को टीका देने का करार कर चुके हैं.

    2268 बच्चों पर किया गया अध्ययन
    फाइजर ने यह आकलन 2,268 बच्चों पर किए अध्ययन के आधार पर किया है. अध्ययन में शामिल बच्चों को तीन सप्ताह के अंतर पर प्रायोगिक औषधि या टीके की कम मात्रा वाली खुराक दी गई. प्रत्येक खुराक की मात्रा किशोरों और वयस्कों को दी जा रही खुराक की एक तिहाई थी. अनुसंधानकर्ताओं की गणना के मुताबिक टीके की कम मात्रा 91 प्रतिशत तक इस आयु वर्ग के बच्चों में प्रभावी है. अध्ययन में भी यह भी पता चला कि इन बच्चों में कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ बल्कि बिना टीका नहीं लगवाने वाले समकक्षों के मुकाबले हल्के लक्षण उभरे.

    अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक छोटे बच्चों को टीके की सीमित खुराक देने पर भी किशोरों और वयस्कों की तरह कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए उनके शरीर में एंटीबॉटी विकसित हुई.

    गौरतलब है कि सीडीसी ने इस सप्ताह के शुरुआत में जारी रिपोर्ट में कहा था कि जून और सितंबर में डेल्टा स्वरूप के प्रसार के दौरान फाइजर का टीका 12 से 18 साल आयुवर्ग के लोगों में 93 प्रतिशत तक प्रभावी रहा और संक्रमण के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने से बचाया. फाइजर ने अपने अध्ययन में पाया कि छोटे बच्चों में टीके की कम खुराक सुरक्षित है, लेकिन हाथ में सूजन, बुखार और दर्द जैसे अस्थायी लक्षण उभर सकते हैं.

    गौरतलब है कि मॉडर्ना भी बच्चों पर अपने कोविड- टीके का परीक्षण कर रही है और इस साल के अंत तक उसके अध्ययन के परिणाम आने की उम्मीद है.

    Tags: Corona vaccine, Corona vaccine news, Corona Vaccine Update, Pfizer

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर